CG BREAKING : Korba DMF fund misuse, hearing in High Court…
बिलासपुर, 13 जनवरी 2026। कोरबा जिले में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड के कथित दुरुपयोग को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि शिकायत की जांच के लिए बिलासपुर संभाग आयुक्त द्वारा एक जांच समिति का गठन किया गया है। समिति डीएमएफ फंड से जुड़े सभी आरोपों की गहन जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
जांच समिति का गठन
अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने अदालत को बताया कि समिति की अध्यक्षता उपायुक्त (विकास), बिलासपुर संभाग करेंगे। समिति को कोरबा जिले में DMF फंड के उपयोग, स्वीकृत योजनाओं, व्यय प्रक्रिया और नियमों के पालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करनी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
याचिकाकर्ताओं का पक्ष
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि जनहित याचिका की सुरक्षा राशि 5 जनवरी 2026 को जमा कर दी गई है। इससे पहले 15 हजार रुपये कम करने का आवेदन खारिज हो गया था।
शिकायत की शुरुआत
राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि यह मामला खनन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 20 नवंबर 2024 को भेजे पत्र से शुरू हुआ। पत्र में कथित अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। इसके बाद बिलासपुर संभाग आयुक्त ने इसे कोरबा के कलेक्टर को कार्रवाई के लिए भेजा।
याचिकाकर्ता को अपनी बात रखने के लिए 14 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे उपस्थित होने का बुलावा दिया गया है। जांच समिति दस्तावेज़ और तथ्यों का परीक्षण करेगी।
अगली सुनवाई और फंड का महत्व
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 तय की है। अदालत ने संकेत दिए हैं कि सुनवाई में जांच समिति की प्रगति और उठाए गए कदमों पर जानकारी ली जा सकती है।
गौरतलब है कि DMF फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। फंड के कथित दुरुपयोग ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है।
