CG LIQUOR SCAM : Kawasi Lakhma to appear in ED court today after bail
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज शुक्रवार, 6 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में पेश होंगे। 4 फरवरी को सशर्त जमानत मिलने के बाद यह उनकी पहली कोर्ट पेशी है। लखमा करीब 379 दिन जेल में रह चुके हैं।
ED ने उन्हें 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद 7 दिन की रिमांड पर पूछताछ हुई, फिर 21 जनवरी से 4 फरवरी तक वे न्यायिक रिमांड पर रायपुर सेंट्रल जेल में बंद रहे। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सशर्त जमानत दी।
जमानत की शर्तें क्या हैं?
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि लखमा जांच में पूरा सहयोग करेंगे, किसी गवाह को प्रभावित नहीं करेंगे और बिना अनुमति राज्य से बाहर नहीं जाएंगे। आज की सुनवाई में ED की ओर से केस डायरी और जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है।
क्या हैं आरोप?
ED का दावा है कि शराब नीति में बदलाव और FL-10 लाइसेंस की शुरुआत में लखमा की अहम भूमिका थी, जिससे कथित तौर पर अवैध नेटवर्क को बढ़ावा मिला। एजेंसी के अनुसार, घोटाला करीब तीन साल चला और इस दौरान हर महीने लगभग 2 करोड़ रुपये की अवैध रकम मिलने का आरोप है। कुल 72 करोड़ रुपये की कथित कमाई को बेटे के मकान और सुकमा में कांग्रेस भवन निर्माण में लगाने का दावा भी जांच एजेंसी ने किया है। (इन आरोपों की जांच जारी है।)
2,100 करोड़ से ज्यादा का दावा
ED और ACB की जांच में करीब 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई का दावा किया गया है। इस मामले में तत्कालीन IAS अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर समेत अन्य के नाम भी सामने आए हैं।
घोटाले के तीन कथित मॉडल
A कैटेगरी : डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी कमीशन वसूली।
B कैटेगरी : नकली होलोग्राम के जरिए सरकारी दुकानों से बिक्री।
C कैटेगरी : सप्लाई एरिया में बदलाव कर अवैध उगाही।
आज की पेशी के बाद मामले की आगे की दिशा साफ हो सकती है। प्रदेश की राजनीति में इस केस को लेकर हलचल बनी हुई है।

