KAWARDHA CORRUPTION : Wall worth Rs 4 lakh, work worth Rs 1 lakh!
कवर्धा. कवर्धा नगर पालिका में हो रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता पर अब खुलेआम सवाल उठने लगे हैं। वार्ड क्रमांक 10 में बनी एक साधारण बाउंड्री वॉल को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। नगर पालिका ने इस बाउंड्री वॉल की लागत करीब 4 लाख रुपये बताई है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है।
स्थानीय नागरिकों और निर्माण कार्य से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस बाउंड्री वॉल में अधिकतम 1 लाख रुपये की लागत भी नहीं आती। इस्तेमाल की गई सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता देखकर लागत को लेकर शक और गहराता जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि बाकी के पैसे आखिर कहां गए?
मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी विकास कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है। नियमों के मुताबिक हर शासकीय निर्माण कार्य में लागत, स्वीकृति एजेंसी, ठेकेदार का नाम और कार्य की समय-सीमा स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए, लेकिन नगर पालिका इन नियमों को नजरअंदाज कर रही है।
शहर के अलग-अलग वार्डों में घूमने पर यह साफ दिखता है कि एक भी विकास कार्य में सूचना बोर्ड मौजूद नहीं है। इससे आम जनता को यह तक पता नहीं चल पा रहा कि काम कितने रुपये का है और उसकी जिम्मेदारी किसकी है। नागरिकों का आरोप है कि जानबूझकर सूचना बोर्ड नहीं लगाए जा रहे, ताकि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर पर्दा डाला जा सके।
अब सवाल सीधे-सीधे नगर पालिका से हैं –
चार लाख की लागत आखिर किस आधार पर तय की गई?
सूचना बोर्ड के बिना विकास कार्य क्यों कराए जा रहे हैं?
क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी?
फिलहाल नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वार्ड क्रमांक 10 समेत पूरे नगर पालिका क्षेत्र के विकास कार्यों की जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

