IRAN PROTESTS : Iran is burning, hundreds killed demanding freedom.
नई दिल्ली। ईरान में बीते कई हफ्तों से जारी जनविद्रोह थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के इस्लामी शासन से त्रस्त जनता अब खुलकर बदलाव की मांग कर रही है। सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सरकार ने बलप्रयोग का रास्ता चुना, जिसमें अब तक कम से कम 500 लोगों की जान जा चुकी है।
तेहरान की 23 वर्षीय फैशन डिजाइन स्टूडेंट रोबिना अमिनियन भी इन्हीं प्रदर्शनों का हिस्सा थीं। मिलान जाकर फैशन की दुनिया में नाम कमाने का सपना देखने वाली रोबिना गुरुवार को शरियाती टेक्निकल यूनिवर्सिटी से निकलकर सरकार विरोधी रैली में शामिल हुईं, जहां उन्हें गोली मार दी गई। नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स एनजीओ के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान लगी गोली से उनकी मौत हो गई।
रोबिना के चाचा नेजार मिनोई ने कहा, “उसे आज़ादी चाहिए थी, महिलाओं के अधिकार चाहिए थे। वह झुकने वालों में से नहीं थी।” परिवार के मुताबिक, शव बेहद खराब हालत में रखा गया था और बिना किसी रस्म के अंतिम संस्कार करने को मजबूर किया गया।
मरने वालों की संख्या डराने वाली
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान (HRA) के अनुसार, बीते 15 दिनों में 490 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने राइफल लेकर भीड़ पर फायरिंग की और अस्पतालों में लाशें एक-दूसरे के ऊपर रखी गईं।
सरकार ने हालात काबू में करने के नाम पर देशभर में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है, ताकि सच्चाई दुनिया तक न पहुंच सके।
‘मोहारेबेह’ का डर और फांसी की तलवार
ईरान में प्रदर्शनकारियों के सामने दोहरा खतरा है या तो सड़कों पर गोली से मौत या फिर ‘मोहारेबेह’ यानी ‘ईश्वर के खिलाफ युद्ध’ का आरोप, जिसकी सजा फांसी तक हो सकती है। आर्थिक बदहाली, गिरती मुद्रा और बेरोजगारी के चलते अशांति अब 180 से ज्यादा शहरों में फैल चुकी है।
आम लोग भी निशाने पर
पश्चिमी ईरान के केरमानशाह में 42 वर्षीय इब्राहिम यूसिफी, जो तीन बच्चों के पिता और अस्पताल कर्मचारी थे, प्रदर्शन के दौरान सिर में गोली लगने से मारे गए। पूर्व वर्ल्ड क्लासिक बॉडीबिल्डिंग चैंपियन मेहदी जतपरवर की भी प्रदर्शन के दौरान हत्या कर दी गई। उन्होंने अपने आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था “हम सिर्फ अपने अधिकार चाहते हैं।”
लोरेस्तान प्रांत में 28 वर्षीय हेयरड्रेसर शयान असदोल्लाही और 17 वर्षीय रजा मोरादी की मौत ने विरोध की आग को और भड़का दिया है।
कुल मिलाकर
ईरान में यह सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि आज़ादी और डर के बीच की जंग बन चुकी है। सरकार की सख्ती के बावजूद लोग जान की परवाह किए बिना सड़कों पर उतर रहे हैं और दुनिया खामोशी से एक और मानवीय त्रासदी देख रही है।

