IRAN PROTEST : Rebellion in Iran, bloodshed by bullets, 217 protesters killed
नई दिल्ली। ईरान में इस्लामी शासन के खिलाफ भड़के विरोध अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं। सरकार के आदेश पर सुरक्षाबलों की गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं। टाइम मैगजीन से बातचीत में तेहरान के एक डॉक्टर ने दावा किया है कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें ज्यादातर युवाओं को गोलियां लगीं। हालांकि टाइम मैगजीन ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
28 दिसंबर से शुरू हुए ये प्रदर्शन पहले आर्थिक संकट के खिलाफ थे, लेकिन अब ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। सड़कों पर “आजादी” और “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारे गूंज रहे हैं। सरकार ने हालात काबू में रखने के लिए इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी हैं।
डॉक्टर के मुताबिक, कई इलाकों में सुरक्षाबलों ने सीधे फायरिंग की। उत्तरी तेहरान के एक पुलिस स्टेशन के बाहर मशीनगन से हुई गोलीबारी में कई लोग मौके पर ही मारे गए, जबकि कम से कम 30 लोग घायल हुए। ज्यादातर रैलियां शांतिपूर्ण रहीं, लेकिन कुछ जगहों पर सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ हुई और तेहरान की अल-रसूल मस्जिद में आग लगाए जाने की भी खबर है।
मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े अलग हैं। वॉशिंगटन स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के मुताबिक अब तक 63 मौतें हुई हैं। सरकारी सेंसरशिप और विदेशी मीडिया पर पाबंदियों के चलते आंकड़ों में फर्क बताया जा रहा है।
इस बीच सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि “इस्लामिक रिपब्लिक उपद्रवियों के सामने नहीं झुकेगा।” तेहरान के सरकारी वकील ने प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा तक की चेतावनी दी है। IRGC के एक अधिकारी ने अभिभावकों से बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखने की अपील की है।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। ईरान में गिरती अर्थव्यवस्था, रियाल की रिकॉर्ड गिरावट, पानी की कमी और बिजली कटौती ने जनता का गुस्सा और भड़का दिया है।
