Iran-America-Israel War : युद्ध के बीच समंदर चीरकर भारत ला रहे LPG, हरियाणा के दो लाल

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Iran-America-Israel War: Two Haryana men cross the ocean to bring LPG to India amid the war.

Iran-America-Israel War News: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और देश के हर घर तक रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में इस समय हरियाणा के फतेहाबाद के दो युवकों का भी अहम योगदान सामने आया है। जिले के गांव कुम्हारिया और सरवरपुर के दो युवक मर्चेंट नेवी में अधिकारी के रूप में तैनात हैं।अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के सबसे चुनौतीपूर्ण और युद्ध प्रभावित क्षेत्र ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से गैस से लदे विशाल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाल लाए हैं।

जानकारी के अनुसार, युद्ध प्रभावित होर्मुज मार्ग से भारतीय ध्वज वाले दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी शनिवार सुबह सुरक्षित गुजर गए। इन जहाजों में कुल 92 हजार 700 टन एलपीजी लदी हुई है। दोनों जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और इनके 16–17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है।

 

शिवालिक और नंदा देवी

गांव कुम्हारिया के कृष्ण गोदारा मर्चेंट नेवी में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और वे गैस लेकर भारत आ रहे जहाज नंदा देवी पर तैनात हैं। वहीं, गांव सरवरपुर के अनिल भांबू भी मर्चेंट नेवी में अधिकारी हैं और शिवालिक जहाज पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

24 भारतीय जहाज फंस गए थे

बताया जा रहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज मार्ग के पश्चिमी किनारे पर 24 भारतीय जहाज फंस गए थे। इनमें से दो जहाज अब सुरक्षित निकल कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि फारस की खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज कतार में हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं।

 

इसके अतिरिक्त भारतीय ध्वज वाले चार अन्य जहाज होर्मुज के पूर्वी हिस्से में भी फंसे हुए बताए गए हैं। फतेहाबाद जिले के इन दोनों युवकों ने अपने सफर को परिवार से भी साझा किया है।

 

25 फरवरी को गैस लेने गए थे कतर

गांव कुम्हारिया के कृष्ण कुमार मर्चेंट नेवी में मुख्य अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि गांव सरवपुर के अनिल सेकेंड अधिकारी तैनात हैं। इनके परिवार के अनुसार, दोनों अधिकारी जहाज लेकर पिछले महीने 25 फरवरी को कतर में एलपीजी गैस लेने के लिए गए थे, लेकिन इस बीच युद्व शुरू होने के चलते फंस गए थे।

जहाज पर मौजूद अधिकारियों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपने परिवारों को सूचित किया कि इस पूरी यात्रा के दौरान भारत सरकार, भारतीय नौसेना और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का निरंतर मार्गदर्शन और सुरक्षा सहयोग मिला है। आधुनिक तकनीक और बेहतर तालमेल की वजह से ही इतने संवेदनशील मार्ग से गुजरना संभव हो पाया

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