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अशोक गहलोत के बदले सुर? अध्यक्ष चुने जाने पर CM पद छोड़ने के दिए संकेत

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के लिए आज गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी हो गया है. इसी के साथ कांग्रेस पार्टी में हलचल तेज हो गई है. अबतक इस रेस में सिर्फ अशोक गहलोत और शशि थरूर का नाम सामने आ रहा था. लेकिन अब मनीष तिवारी और दिग्विजय सिंह के नामों की चर्चा भी चलने लगी है. इस बीच अशोक गहलोत केरल पहुंच गए हैं. यहां वह राहुल गांधी से मीटिंग कर रहे हैं. गहलोत ने अब राजस्थान सीएम का पद छोड़ने के संकेत भी दे दिए हैं. साथ ही साथ यह भी कंफर्म कर दिया है कि वह अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे.

आजतक से बातचीत में गहलोत ने कहा कि मैं नामांकन करूंगा, फिर देखते हैं क्या माहौल बनता है, चुनाव भी हो सकता है. यहां गहलोत अन्य नेताओं द्वारा चुनाव लड़ने की चर्चाओं की बात कर रहे थे. साथ ही साथ गहलोत ने यह भी साफ कहा कि वह अगर अध्यक्ष बन भी गए तो भी राजस्थान से दूर नहीं जाएंगे. वह बोले कि जिस राज्य से मैं आता हूं, जिस गांव में मैं पैदा हुआ वहां के लोगों से दूर जैसे जा सकता हूं. वहां के लोगों की सेवा करता रहूंगा.

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए केरल गए हैं. यहां वह राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. इस मुलाकात में गहलोत राहुल को अध्यक्ष पद संभालने के लिए मनाएंगे. अगर राहुल नहीं राजी होते हैं तो गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे. यह गहलोत पहले ही साफ कर चुके थे.

इसी के साथ दूसरी चर्चा यह हो रही थी कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने के बाद भी गहलोत राजस्थान सीएम के पद पर बने रहेंगे. अब इसपर गहलोत का बयान भी आया है. मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि कोई भी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ सकता है. लेकिन पूरे मुल्क में काम करके पोस्ट को जस्टीफाई भी करना होता है. ऐसे में दो पोस्ट पर काम नहीं हो सकता. इससे आशय निकाला जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर गहलोत राजस्थान सीएम की कुर्सी छोड़ देंगे.

एक व्यक्ति, एक पद पर राहुल गांधी के बयान पर भी गहलोत से सवाल पूछा गया. इसपर गहलोत ने कहा कि राहुल ने बिल्कुल ठीक कहा है. अगर कोई कांग्रेस अध्यक्ष बनता है तो वह राज्य के सीएम के रूप में किस प्रकार काम कर पाएगा, यह कभी हुआ नहीं है.

गहलोत द्वारा सीएम पद छोड़ने के बाद क्या सचिन पायलट कुर्सी संभालेंगे? यह सवाल भी गहलोत से पूछा जा चुका है. इसपर उन्होंने कहा था कि यह मैं कैसे कह सकता हूं कि कौन सीएम बनेगा. इस पर मैं कुछ भी नहीं जा सकता हूं. मुख्यमंत्री तो विधायक चुनते हैं.

गहलोत का ताजा बयान उनके पिछले बयान से बिल्कुल उलट है. बुधवार तक वह कांग्रेस अध्यक्ष पद के साथ-साथ राजस्थान सीएम की कुर्सी संभालने की भी बातें कर रहे थे. उन्होंने इशारा दिया था कि वह सचिन पायलट को सीएम की कुर्सी देने में सहज नहीं हैं. गहलोत ने कहा था कि एक शख्स मंत्री रह सकता है और वह कांग्रेस अध्यक्ष भी चुना जा सकता है. मैं तीन पोस्ट भी मैनेज कर सकता हूं.

दिग्विजय सिंह की भी चर्चा

कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव में दिग्विजय सिंह की चर्चा भी हो रही है. माना जा रहा है कि वह भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकते हैं. इसपर जब दिग्विजय सिंह से सवाल किया गया तो वह बोले कि लोगों को 30 सितंबर तक इंतजार करना चाहिए. बता दें कि 30 सितंबर अध्यक्ष पद चुनाव के लिए नामांकन करने की आखिरी तारीख है. दिग्विजय ने यह भी कहा कि अगर अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं भी हुआ तो नेहरू-गांधी परिवार का रोल वही होगा जो आज है.

दिग्विजय सिंह के साथ मनीष तिवारी का नाम भी सामने आ रहा है. इसपर दिग्विजय सिंह ने कहा कि मनीष चुनाव लड़ लें. उनका स्वागत है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी के दिग्गज नेता शशि थरूर के बाद सांसद मनीष तिवारी के चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं. मनीष तिवारी भी अपने सहयोगियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं.

राहुल गांधी बोले- मैंने पिछली बार साफ कर दिया था

अध्यक्ष पद के लिए राहुल के राजी होने के चांस वैसे कम हैं. उन्होंने कह दिया है कि मैं अपने पुराने रुख पर कायम हूं. राहुल का यहां मतलब अध्यक्ष नहीं बनने वाले फैसले से था. अध्यक्ष पद की कुर्सी जो संभालेगा उसको क्या संदेश देना चाहेंगे? इसपर राहुल ने कहा कि आप एक एतिहासिक पोजिशन लेने जा रहे हैं, जो कि भारत के बारे में विशेष दृष्टिकोण की व्याख्या करता है. कांग्रेस अध्यक्ष एक वैचारिक पद है. आप विचारों के एक समूह, एक विश्वास प्रणाली और भारत की दृष्टि का प्रतिनिधित्व करेंगे.

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