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1300 साल पुराने मकबरे में शवों के साथ मिला अकूत खजाना, लोग समझ रहे थे खंडहर

नई दिल्ली : दुनिया में प्राचीन इतिहास से जुड़ी कई ऐसी चीजें मिल जाती हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं. ऐसा ही कुछ साउथ अमेरिका महाद्वीप के पेरू देश में भी हुआ, जहां पुरातत्वविदों की एक टीम को राजधानी लीमा से कुछ दूरी पर स्थित हुअर्मे टाउन के पास वारी साम्राज्य का एक पुराना मकबरा मिला है. मकबरे में 7 लोगों के अवशेष मिले हैं. इन अवशेषों में एक अवशेष को वारी साम्राज्य के कुलीन वर्ग में से एक Lord of Huarmey का बताया जा रहा है. वारी सभ्यता का अस्तित्व 500 ईस्वी से 1000 ईस्वी के बीच था.

पोलैंड के वारसॉ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अनुसार, लॉर्ड ऑफ हुअर्मे के अलावा अन्य 6 अवशेषों की अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिली है. ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से कुछ लोगों को बाद में यहां दफनाया गया होगा. जो अवशेष मिले हैं, उनमें दो पुरुष, दो महिला और तीन ऐसे हैं जो बढ़ती उम्र के किशोरों के लग रहे हैं.

अवशेषों के साथ दफन था सोना-चांदी

सबसे खास बात है कि मकबरे में दफ्न सभी अवशेषों के साथ सोने, चांदी के जेवर, तांबे के हथियार, छुरियां, कुल्हाड़ी, ऊनी कपड़े, लकड़ी और चमड़े से बनी कई तरह की प्राचीन चीजें मिली हैं. वारसॉ विश्वविद्यालय के पुरातत्वविद और इस खोजी प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे Miłosz Giersz ने इस बारे में बताया कि पहली बार हमें वारी साम्राज्य के संभ्रांत वर्ग के किसी पुरुष के अवशेष मिले हैं. वारसॉ यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद मिलोज गीअर्स (Miłosz Giersz) की टीम ने बीते फरवरी को समुद्र किनारे बसे हुअर्मे टाउन के पास वारी कब्रिस्तान में सबसे नए मकबरे की खोज की थी.

सोने का बना सामान- साल 2012 में मिला था बड़ा मकबरा

खास बात है कि यह उस बड़े मकबरे से सिर्फ थोड़ी ही दूर पर है, जिसकी खोज साल 2012 में Miłosz Giersz और उनकी पत्नी Prządka-Giersz ने की थी. साल 2012 में मिले बड़े मकबरे से टीम को तीन उच्च वर्गीय महिलाओं के अवशेष मिले थे, जिन्हें वारी साम्राज्य की रानियां बताया गया था. बड़े मकबरे की जब खोज हुई तो उसमें सिर्फ इन तीन रानियों के अवशेष ही नहीं बल्कि 58 अन्य लोगों के अवशेष भी मिले, जिन्हें रानियों के साथ ही दफनाया गया था. उनमें कई अवशेष ऐसी महिलाओं के भी हैं, जिन्हें बाद में दफनाया गया होगा.

चांदी का सामान- आर्ट वर्क से था वारी लोगों को लगाव

बता दें कि 500 से 1000 A.D के बीच वारी साम्राज्य के लोग पहाड़ों और समुद्री इलाकों में रहते थे. वारी लोगों की सबसे बड़ी खासियत उनका आर्ट वर्क था, जो सोने-चांदी के जेवरों से लेकर बर्तनों और कपड़ों पर भी होता था. वारी लोगों को अपनी परंपरा से काफी ज्यादा जुड़ाव था. इतिहासकारों की मानें तो 1200 A.D के बाद वारी साम्राज्य का पूरी तरह से अंत हो गया था.

हुअर्मे कस्बे के पास जहां मकबरा मिला है, उसके बारे में शोधकर्ताओं को ज्ञान तो साल 1940 से ही था, लेकिन ऐसा माना जाता था कि यह अंदर से पूरी तरह खाली होंगे, क्योंकि कब्र चोर उसके अंदर से खुदाई कर सब लूटकर ले गए होंगे.हालांकि, साल 2012-13 में यह सोच गलत साबित हुई जब Miłosz Giersz और उनकी पत्नी Prządka-Giersz ने खुलासा किया कि इस जगह पर एक प्राचीन वारी साम्राज्य का कब्रिस्तान है और एक मकबरा ऐसा भी है, जिसे कभी किसी ने नहीं छुआ है. अब साल 2022 में एक और मकबरे की खोज ने यह साबित कर दिया है कि अभी पेरू के इस कस्बे में इतिहास और भी छुपा हुआ है, जिसे थोड़ी तलाश के बाद निकाला जा सकता है.

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