GGCU CONTROVERSY : No action taken against Vice Chancellor, Head of Department removed
बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद के दौरान साहित्यकार मनोज रूपड़ा के साथ अपमानजनक व्यवहार के मामले में कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गौरी त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया गया है।
सात जनवरी को “समकालीन हिन्दी कहानी: बदलते जीवन संदर्भ” विषय पर आयोजित इस परिसंवाद में देशभर के साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने मंच पर उपस्थित मनोज रूपड़ा से कहा कि “आप बोर तो नहीं हो रहे हैं?” इसके जवाब में रूपड़ा ने विषय पर चर्चा करने का अनुरोध किया। इसके बाद कुलपति ने रूपड़ा को कार्यक्रम से बाहर जाने को कहा और अन्य साहित्यकारों से भी टिप्पणी कर दी।
इस घटना के बाद साहित्यिक और शैक्षणिक जगत में तीखी प्रतिक्रिया आई। वरिष्ठ साहित्यकारों ने इसे सार्वजनिक अपमान और अकादमिक गरिमा के खिलाफ बताया। राजनीतिक स्तर पर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विवाद के बावजूद कुलपति पर कोई कदम नहीं उठाया गया, जबकि डॉ. गौरी त्रिपाठी को पद से हटाकर उनके स्थान पर असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश गोहे को नया विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
