रायपुर. शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर बैंक अधिकारी और उसके परिजनों से 10.50 लाख की ऑनलाइन ठगी हो गई। ठग ने फोन पर शेयर मार्केट की जानकारी दी। उन्हें 4 माह के भीतर 50 फीसदी मुनाफे का झांसा दिया। बैंक अधिकारी ने पहले खुद के नाम से निवेश किया। उसके बाद पत्नी और साली के नाम पर खाते में पैसा जमा किया। पैसे लेने के बाद ठग पिछले दो साल से उसे मुनाफा देने के नाम पर गुमराह कर रहा है। अब तक पैसा नहीं लौटाया। इधर फाफाडीह इलाके में रहने वाली कारोबारी परिवार की युवती से भी 10 लाख की ठगी हो गई।
युवती ने 10 दिन के भीतर अलग-अलग किश्त में शेयर मार्केट पर निवेश के लिए ठग को पैसा दिया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अफसरों ने बताया कि दुबे कॉलोनी निवासी रविश जॉन हारुण नवा रायपुर स्थित एचडीएफसी बैंक में मैनेजर हैं। उनके पास 2021 में अक्षय दोडू मोरे का फोन आया। उसने खुद को शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने वाला बताया। उसने झांसा दिया कि शेयर मार्केट में निवेश करने पर 50 फीसदी लाभ मिलेगा। चार माह के भीतर लाभ के साथ पैसा वापस हो जाएगा।
वे झांसे में आ गए। पहले अपने नाम से 50 हजार अक्षय के खाते में जमा किया। कुछ दिन बाद उन्होंने पत्नी के नाम से 5 लाख और साली के नाम पर 5 लाख रुपए जमा कर दिया। आरोपी चार माह बाद पैसा नहीं लौटाया। उसके बाद 6 माह का टाइम लिया। इस तरह दो साल से गुमराह कर रहा है।
दोगुने का झांसा देकर 10 लाख की ठगी
फाफाडीह इलाके में रहने वाली कारोबारी परिवार की युवती को 10 दिन पहले फोन आया। उन्हें झांसा दिया गया कि शेयर मार्केट में निवेश करने पर दोगुना पैसा वापस मिलेगा। शेयर मार्केट उछाल पर है। उसने कई कंपनियों का नाम बताया, जिसमें निवेश करने के लिए कहा। युवती झांसे में आ गए। उसने ठग के खाते में अलग-अलग किश्त में 10 लाख जमा कर दिया। उसके बाद से ठग का फोन बंद है। पुलिस ने युवती की शिकायत को जांच में लिया है।
चेन्नई, बेंगलुरु और दिल्ली का गिरोह कर रहा ठगी
पुलिस अफसरों ने बताया कि शेयर मार्केट के नाम पर चेन्नई, बेंगलुरु और दिल्ली का गिरोह ठगी कर रहा है। शेयर मार्केट और क्रिप्टो में निवेश का झांसा दे रहे है। उन्होंने होटल में बुलाकर प्रेजेंटेशन दिया जा रहा है। लोग झांसे में आकर जीवनभर की कमाई जमा कर रहे हैं। पुलिस ने बेंगलुरु, चेन्नई गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को शक है कि मोवा और फाफाडीह ठगी में यही गिरोह शामिल हो सकता हैं।

