CGMSCL की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण एवं पारदर्शिता के संबंध में तथ्यात्मक स्पष्टीकरण

Date:

रायपुर, 11 जुलाई 2025/ हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, टेंडर प्रक्रिया एवं वित्तीय पारदर्शिता से संबंधित कुछ विषयों को लेकर समाचार माध्यमों में चर्चा हुई है। इस परिप्रेक्ष्य में CGMSCL द्वारा स्थिति स्पष्ट की गई है कि CGMSCL की स्थापना छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राज्य की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को गुणवत्तायुक्त औषधियों एवं चिकित्सा उपकरणों की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संस्था ISO मानकों पर आधारित SOPs के अनुसार कार्य करती है, जहां गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं।

हाल ही में प्रेगनेंसी टेस्ट किट, IV ड्रिप सेट और सर्जिकल ब्लेड जैसी कुछ सामग्रियों को लेकर प्राप्त शिकायतों पर CGMSCL ने त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इन प्रकरणों में संबंधित उत्पादों के प्रयोग पर रोक, जांच दल के गठन, निर्माता फर्मों को नोटिस जारी करने, तथा आवश्यकता अनुसार स्टॉक की वापसी और प्रतिस्थापन की कार्रवाई की गई है। CGMSCL Zero Tolerance Policy के अंतर्गत दोषी आपूर्तिकर्ताओं पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई करता रहा है, जिसमें पेनल्टी, ब्लैकलिस्टिंग एवं अनुबंध समाप्ति जैसी कार्रवाइयाँ सम्मिलित हैं।

रिपोर्ट में मार्च 2025 में 2411 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच की प्रक्रिया जारी है, और जांच में सम्मिलित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, साथ ही संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। CGMSCL ने जांच एजेंसियों को सभी आवश्यक दस्तावेज, रिकार्ड्स एवं तकनीकी सहयोग यथासमय उपलब्ध कराया है।

टेंडर प्रक्रिया पूर्णतः ई-गवर्नेंस प्रणाली पर आधारित है। CGMSCL की e-Tendering प्रणाली डिजिटल, पारदर्शी और तकनीकी मूल्यांकन आधारित है। इसमें Clause Based Qualification, QC टेस्टिंग और लाइसेंस सत्यापन जैसी प्रक्रियाएँ अनिवार्य रूप से अपनाई जाती हैं। किसी भी आपूर्तिकर्ता द्वारा गुणवत्ता में त्रुटि पाए जाने पर नियमित रूप से दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।

CGMSCL अपनी निरंतर सुधार नीति के अंतर्गत थर्ड पार्टी एनएबीएल लैब टेस्टिंग, स्टॉक ट्रेसबिलिटी, तथा डिजिटल लॉजिस्टिक्स मॉनिटरिंग जैसी प्रणालियों को और अधिक सुदृढ़ करते हुए कार्य कर रहा है। संस्था यह विश्वास दिलाती है कि वह किसी भी दोष या त्रुटि को छुपाने के बजाय, उसे पारदर्शिता से सुधारने में विश्वास रखती है।

निष्कर्षतः, CGMSCL द्वारा सभी शिकायतों और विषयों पर तथ्यों के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं निर्णायक कार्यवाही की जा रही है।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

CENTRAL GOVERNMENT GUIDELINES : ‘वंदे मातरम्’ पहले, फिर ‘जन गण मन’

CENTRAL GOVERNMENT GUIDELINES : 'Vande Mataram' first, then 'Jana...

DEFAMATION CASE : ₹500 करोड़ का मानहानि वार

DEFAMATION CASE : ₹500 crore defamation suit नई दिल्ली/गुवाहाटी, 11...