Emergency Movie: कॉपीराइट उल्लंघन मामले में पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने कंगना रनौत (Kangana Ranaut) समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश ए. अभिषेक रेड्डी की एकल पीठ ने कल्पना सिंह की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया। याचिकाकर्ता का कहना है कि अनुमति के बिना ही राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की अमर पंक्ति (सिंहासन खाली करो कि जनता आती है…) का फिल्म ‘इमरजेंसी’ (Emergency Movie) की प्रचार सामग्री और एक गीत के बोल में उपयोग किया गया है। इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण कंगना रनौत ने किया है। गीतकार मनोज मुंतशिर हैं।
26 अगस्त, 2024 को सामने आया कॉपीराइट का मामला
कथित कॉपीराइट उल्लंघन का मामला 26 अगस्त, 2024 को फिल्म की प्रचार-सामग्रियों की रिलीज के बाद सामने आया। इस मामले को लेकर 31 अगस्त, 2024 को संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नोटिस से कोई समाधान न मिलने के बाद कॉपीराइट धारकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
याचिका में क्या कहा गया?
याचिका में कहा गया है कि यह ऐतिहासिक पंक्ति 26 जनवरी, 1950 को लिखी गई कविता ‘जनतंत्र का जन्म’ की है। वह कविता बाद में दिनकर की प्रसिद्ध पुस्तक ‘नील कुसुम’ में सम्मिलित की गई।पहली बार 1954 में प्रकाशित नील कुसुम दिनकर की साहित्यिक विरासत का महत्वपूर्ण अंश है। इसका कॉपीराइट वर्तमान में उनकी बहू कल्पना सिंह (दिनकर के पुत्र स्वर्गीय केदार नाथ सिंह की उत्तराधिकारी) के पास है। इस मामले में याचिकाकर्ता का पक्ष वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ओझा ने रखा।
कंगना रनौत ने कहा, ‘कला और कलाकार का पूरी तरह से उत्पीड़न’
बीते दिनों कंगना रनौत ने अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ की रिलीज के खिलाफ चल रहे विरोध को “कला और कलाकार का पूर्ण उत्पीड़न” बताया।
बता दें कि विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) कर रही है। SGPC पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में ऐतिहासिक गुरुद्वारों का प्रबंधन करती है। हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना ने पंजाब में चल रहे विरोध प्रदर्शन को उनकी छवि खराब करने और उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ को नुकसान पहुंचाने वाला प्रचार करार दिया।
कंगना ने कहा, यह पूरी तरह से कला और कलाकार का उत्पीड़न है, पंजाब के कई शहरों से रिपोर्ट आ रही है कि ये लोग ‘इमरजेंसी’ को रिलीज नहीं होने दे रहे हैं। मेरे मन में सभी धर्मों के प्रति अत्यंत सम्मान है और चंडीगढ़ में पढ़ाई और बड़े होने के बाद मैंने सिखों को करीब से देखा है। यह मेरी छवि खराब करने और मेरी फिल्म इमरजेंसी को नुकसान पहुंचाने के लिए सरासर झूठ और प्रचार है।

