SIR CONTROVERSY : Major action by ECI, 7 officers of Mamata government suspended
नई दिल्ली/कोलकाता। भारत निर्वाचन आयोग (भारत निर्वाचन आयोग) ने पश्चिम बंगाल में तैनात 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितता, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के कथित दुरुपयोग के आरोपों के बाद की गई है। आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज?
सस्पेंड किए गए अधिकारियों में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात AERO (असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) और अन्य अधिकारी शामिल हैं। इनमें डॉ. सेफौर रहमान (56-समसेरगंज, मुर्शिदाबाद), नीतीश दास (55-फरक्का), दलिया रे चौधरी (16-मयनागुड़ी), एस.के. मुर्शिद आलम (57-सुती), सत्यजीत दास और जॉयदीप कुंडू (139-कैनिंग पुरबो) तथा देबाशीष बिस्वास (229-डेबरा) शामिल हैं।
SIR पर सियासी घमासान
SIR प्रक्रिया को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र के बीच विवाद बढ़ गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई जारी है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि SIR प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा या रोक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग की इस सख्त कार्रवाई से बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

