Dollar Vs Rupee: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा

Date:

Dollar vs Rupee: Indian Rupee Hits All-Time Low Against the Dollar

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और मुद्रा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जंग की आशंकाओं के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार को अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों में आर्थिक उथल-पुथल जारी है। तेल की कीमतें बढ़ रही है। ऐसे में डॉलर मजबूत होते जा रहा है। भारतीय रुपया 12 पैसे टूटकर 92.37 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। अब 1 डॉलर के लिए आपको 92.37 रुपये देने पड़ेंगे।

रुपये में आई गिरावट से आयात पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है। हालांकि आरबीआई के द्वारा स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल के पार पहुंचना एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।

रुपये ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी 13 मार्च, शुक्रवार को रुपए अपने ऑल टाइम निचले स्तर 92.37 पर पहुंच गया।
पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 92.37 के निचले स्तर पर पहुंचा था लेकिन आज की यह गिरावट इससे भी आगे निकल गई।

फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली मजबूत डॉलर और घरेलू शेयर बाजार में कमजोर रुझान के कारण रुपये पर दबाव बढ़ रहा है।
इंटरबैंक फॉरेन करंसी मार्केट में रुपया 92.37 प्रति डॉलर पर ओपन हुआ था, लेकिन बाद में लुढ़कर अपने ऐतिहासिक लोअर लेवल पर आ गया।

रुपये में गिरावट का सबसे बड़ा कारण

मिडिल ईस्ट जारी तनाव के कारण रुपये में लगातार गिरावट देखी जा रही है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हो रही इस जंग के कारण दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मूज से तेल और गैस की सप्लाई ठप होने के कारण कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत के कई शहरों में एलपीजी संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। सरकार ने घरेलू इस्तेमाल में आने वाली गैस के दाम भी बढ़ा दिए हैं। इन सभी के कारण रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। भारत अपनी तेल और गैस की जरूर का बड़ा हिस्सा आयात करता है

कब सामान्य होंगे हालात

वैसे तो आरबीआई के द्वारा समय-समय पर हस्तक्षेप किए जाते हैं कि रुपये में बड़ी गिरावट ना आए। लेकिन जब तक मिडिल ईस्ट मैं चल रहा था नव खत्म नहीं होता है तब तक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के आसार नजर नहीं आएंगे। देश में तेल और गैस का संकट ना बड़े इसलिए भारत सरकार अन्य विकल्पों की तलाश कर रही है। लेकिन रुपए में आए गिरावट के बाद अब भारत को आयात के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

PATRAKARITA MARTAND UTSAV : 200 साल… पत्रकारिता का महाउत्सव

PATRAKARITA MARTAND UTSAV : 200 years... a grand celebration...

CHHATTISGARH : 21 साल बाद पलटा फैसला!

CHHATTISGARH : Decision reversed after 21 years! रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट...

CG BUS DEATH : चलती बस में मौत!

CG BUS DEATH : Death in a moving bus! बलरामपुर....