रायपुर। राजधानी में नगर निगम के अलग-अलग इलाकों में जो काम हो रहा है, उसमें भारी गड़बड़झाला सामने आया है। बीजेपी विधायक राजेश मूणत ने निगम कमिश्नर से शिकायत की थी कि तात्यापारा इलाके में सीसी रोड, नाली पर स्लैब और ज़ोन-5 में शेड बनाने में गड़बड़ी हुई है। उनका कहना है कि कामों में फर्जी बिल बनाए गए, घटिया सामान इस्तेमाल हुआ और कई काम तो अधूरे ही छोड़ दिए गए, लेकिन पेमेंट पूरा कर दिया गया।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगम कमिश्नर ने तीन लोगों की एक टीम बना दी है, जो 21 नवंबर से जाँच शुरू करेगी।
दो प्रोजेक्ट, लाखों का गोलमाल?
शिकायत में ये बातें बताई गई हैं:
* हांडीपारा इलाके में नाली के ऊपर 10 लाख रुपए की लोहे की जाली लगाने का काम ठीक से नहीं हुआ है, इसमें शक है।
* तात्यापारा वार्ड में हनुमान मंदिर के पास 10 लाख रुपए का जो मंच शेड स्लैब बना है, उसमें भी क्वालिटी सही नहीं है।
* सीसी रोड (जिसमें 9.69 लाख लगे) और शिव नगर कॉलोनी में 10 लाख की आरसीसी लेटर कवर परियोजना भी शक के घेरे में हैं।
आरोप है कि पैसे तो पूरे मंजूर हुए, लेकिन काम में कम सामान लगाया गया, क्वालिटी खराब थी और निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल हुआ है।
जाँच करेगी टीम
निगम कमिश्नर ने इन आरोपों की जाँच के लिए तीन अफसरों की एक टीम बनाई है:
* संजय बांगडे, अधीक्षण अभियंता (लोककर्म)
* अंशुल शर्मा, कार्यपालन अभियंता
* शैलेंद्र पटेल, सहायक अभियंता
यह टीम हर काम की जगह पर जाकर देखेगी, बिलों और रिकॉर्ड की जाँच करेगी और ठेकेदारों और अफसरों से पूछताछ करेगी।

