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सीएम बघेल 27 को नीति आयोग की बैठक में लेंगे हिस्सा

रायपुर  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली दौरे पर हैं। वो शनिवार को नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेंगे। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात हो सकती है।

दिल्ली में दिनभर होने वाली इस बैठक के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बुलाया गया है। शुक्रवार की शाम कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है।

नीति आयोग की बैठक में भूपेश बघेल पांचवें नंबर पर संबोधित करेंगे। इसमें प्रदेश की साल भर की उपलब्धियों के साथ भविष्य की प्लानिंग और केन्द्र में लंबित योजनाओं की मंजूरी के लिए बात करेंगे।

इसके साथ ही राज्य के लिए जरूर राजस्व की मांग भी की जाएगी। बैठक में प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वित्त सचिव अंकित आनंद भी शामिल होंगे।

इस बैठक को लेकर भूपेश बघेल ने कहा, प्रदेश के कई ऐसे मुद्दे हैं। जिन पर बात की जाएगी। जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा उठाएंगे, और केन्द्र सरकार से जो राशि लेनी है उस पर भी चर्चा होगी।

सुबह 10 बजे से बैठक है जो शाम को 4 बजे तक चलेगी। इस बैठक का निष्कर्ष क्या होगा वह बैठक के बाद ही पता चलेगा।

छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। हालांकि मुलाकात पर किन मुद्दों पर चर्चा हुई इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है।

लेकिन सियासी गलियारों से खबर है कि इस मुलाकात में प्रदेश में सत्ता के समीकरण और ईडी की रेड पर चर्चा संभव है।

क्या होता है मिलेट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साल 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। सामान्यतः मोटे अनाज वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कोदो, कुटकी और कुट्टू को मिलेट क्रॉप कहा जाता है। मिलेट्स को सुपर फूड भी माना जाता है, क्योंकि इनमें पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में होते हैं।

प्रदेश में 1 दिसंबर 2021 से मिलेट मिशन शुरू किया गया है। जिसका प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में मिलेट की खेती को बढ़ावा देना, मिलेट के प्रसंस्करण को बढ़ावा देना और दैनिक आहार में मिलेट्स के उपयोग को प्रोत्साहित कर कुपोषण दूर करना है। अब महिला स्व सहायता समूहों द्वारा मिलेट्स के कुकीज, केक और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। जो मल्लिकार्जुन खड़गे को दिए गए हैम्पर में शामिल थे।

भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई पर फिर उठाया सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा, डिस्टलर के यहां छापा पड़ा था और उसके यहां से 26 करोड़ के जेवर पकड़े गए थे। वे गवाह बने हुए हैं। जबकि बोतल बदलने, होलोग्राम वहीं से चेंज होता है। और बिना टैक्स के बोतल भी वहीं से निकलेगी। तो सबसे पहले फायदा डिस्टलर को हुआ। और डिस्टलर सभी गवाह बने हुए हैं, यही ईडी के काम करने का तरीका है। सवाल यही है कि, ईडी की जितनी भी कार्रवाई हुई हैं,अपने आप में प्रश्नवाचक है।दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की जा रही है, सीधी सी बात है ईडी निष्पक्ष होकर कार्रवाई नहीं कर रही है।

झीरम घटना पर कहा…प्रदेश में झीरम घाटी हमले पर जमकर सियासत हो रही है। सीएम ने फिर दो सवालों के जवाब बीजेपी से मांगे हैं उन्होंने कहा, झीरम की बरसी पर उन्होंने दो सवाल पूछे थे, जिस पर बीजेपी का कोई जवाब नहीं आया है।

पहला सवाल- क्या नक्सली नेता गणपति ने सरेंडर किया है, उस व्यक्ति का नाम क्या है। अगर सरेंडर किया है तो कहां और क्या उसे पुनर्वास नीति का लाभ दिया गया है?

दूसरा सवाल- आत्मसमर्पण करने वाले गुडसा उसेंडी का बयान क्यों नहीं लिया गया, जबकि एनआईए कोर्ट ने आदेश दिया था। आखिर किसके दबाव में एनआईए है। गणपति और गुडसा उसेंडी नक्सलियों के पद हैं। अगर गणपति ने सरेंडर किया है तो उसका नाम उजागर होना चाहिए।

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