रायपुर : मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रदेश के दो नए जिलों की सौगात दी है। वहां उन्होंने प्रदेश के 33वें जिले सक्ती का औपचारिक शुभारंभ किया। CM ने सक्ती जिले के प्रथम पुलिस अधीक्षक एमआर आहिरे को पदभार ग्रहण कराया और उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सक्ती में रोड शो कर रहे हैं। उनके साथ राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों पर आधारित चलित झांकी भी चल ही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के 32वें जिले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का उद्घाटन किया। इसमें जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मत्स्य बीज संचयन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, समन्वित कृषि प्रक्षेत्र, स्वच्छ भारत मिशन आदि की चलित आकर्षक झांकियां प्रदर्शित की गई हैं। नए जिले में मुख्यमंत्री बघेल को पुलिस बैंड ने जनरल सैल्यूट की धुन बजाकर सलामी दी।
आज 9 सितंबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश का भूगोल बदल गया है और जांजगीर-चांपा जिले से अलग होकर सक्ती राज्य के 33वें जिले के रूप में अपने अस्तित्व में आ गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल नवीन जिले सक्ती के शुभारंभ अवसर पर रोड शो, कलेक्टर कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के उद्घाटन, बड़ादेव के महापूजन, आमसभा कार्यक्रमों में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नवगठित जिला सक्ती का शुभारंभ करते हुए जिले को 1 अरब 53 करोड़ 6 लाख रूपए के 309 विभिन्न विकास कार्याें का सौगात दी है। इसमें 85 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से 296 कार्याें का भूमिपूजन और 67 करोड़ 85 लाख 99 हजार रूपए के लागत से बनने वाले 13 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों हुआ है।
नवगठित जिला सक्ती के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग अंतर्गत 105 विकास कार्यों के लिए 8 करोड़ 73 लाख रुपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 81 विकास कार्यों के लिए 4 करोड़ 82 लाख रुपए, सहकारिता विभाग अंतर्गत 32 विकास कार्यों के लिए 8 करोड़ 17 लाख रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 39 विकास कार्याें के लिए 20 करोड 73 लाख रुपए, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत 15 विकास कार्याें के लिए 3 करोड़ 40 लाख रुपए, जल संसाधन विभाग अंतर्गत 12 विकास कार्याें के लिए 21 करोड़ 69 लाख रुपए, नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत 6 विकास कार्याें के लिए 5 करोड़ 68 लाख रूपए, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 1 करोड़ 52 लाख रुपए और लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 5 विकास कार्याें के लिए 10 करोड़ 40 लाख रुपए का भूमिपूजन किया है।
इसी प्रकार शिक्षा विभाग अंतर्गत 3 विकास कार्याेें के लिए 37 लाख रुपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 4 विकास कार्यों के लिए 28 लाख रुपए, लोक निर्माण सेतु विभाग अंतर्गत 3 विकास कार्यों के लिए 23 करोड़ 95 लाख रुपए, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 34 लाख रुपए, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 1 करोड़ 52 लाख रुपए और लोक निर्माण विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 41 करोड़ 38 लाख रुपए का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री बघेल ने किया है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री चरणदास महंत, सांसद लोकसभा क्षेत्र कोरबा श्रीमती ज्योत्सना चरण दास महंत, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, वाणिज्यिक कर (पंजीयन एवं मुद्रांक) मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, गृह जेल लोक निर्माण, पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण और विधायक चंद्रपुर श्री रामकुमार यादव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग राजेश्री डॉ महंत रामसुन्दर दास, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य शाकंभरी बोर्ड श्री रामकुमार पटेल समेत अन्य जनप्रतिनिधी उपस्थित रहे।

मंच से अपनी बात खत्म करने के बाद CM दोबारा डायस पर पहुंचे और कहा कि अब आया हूं तो कुछ देकर जाऊंगा। इसके बाद उन्होंने मंच से मनेंद्रगढ़, चिरमिरी और भरतपुर के विकास के लिए 3-3 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही कहा कि चिरमिरी के 100 बेड के अस्पताल को जिला अस्पताल बनाया जाएगा। मनेन्द्रगढ के सिद्ध बाबा मंदिर भी पर्यटन विभाग विकसित करेगा।

सभा को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डाक्टर चरणदास महंत ने कहा वो सबसे खुशक़िस्मत हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री ने तीन-तीन जिले दिए, सक्ती, कोरिया और मरवाही उनके संसदीय क्षेत्र में आते हैं। इसके लिए उन्हें बहुत धन्यवाद, बहुत आशीर्वाद। डाक्टर महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री का सपना है गढ़बो नया छत्तीसगढ़, इसके लिए यहां उपस्थित सभी लोग उनका साथ दें। सभा को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद ज्योत्सना महंत और अन्य विधायकों ने भी संबोधित किया। 153 करोड़ 6 लाख रुपए के 309 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन होना है। इसमें 85 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत के 296 कार्यों का भूमिपूजन होगा। वहीं 67 करोड़ 85 लाख 99 हजार रुपए की लागत के 13 कार्यों का लोकार्पण होना है।

जांजगीर-चांपा का सक्ती शिक्षा विभाग के लिए पहले से ही जिला था। अब यह प्रशासनिक जिला भी बन गया है। नए जिले में उपखंड सक्ती की तहसील सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर और उपखंड डभरा की तहसील डभरा सहित कुल 5 तहसीलें शामिल होंगी। इसके उत्तर में कोरबा जिले की करतला तहसील, दक्षिण में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का सारंगढ़, पूर्व में रायगढ़ जिले का खरसिया और पश्चिम में जांजगीर-चांपा जिले के सारागांव, बम्हनीडीह तहसील आएगी। जिले का कुल क्षेत्रफल एक लाख 51 हजार 976 वर्ग किलोमीटर है। 2011 जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 6 लाख 47 हजार254 है। इसमें कुल गांवों की संख्या 465 है।
स्थानीय किवदंती है कि सक्ती का इलाका कभी सम्बलपुर राजघराने के अधीन था। यहां के गोंड राजाओं ने दशहरे के दिन लकड़ी की तलवार से भैंसों की बलि देकर शक्ति प्रदर्शन किया। इससे प्रसन्न होकर संबलपुर के राजा ने इसे स्वतंत्र रियासत का दर्जा दे दिया। यह की भूमि शक्ति से ओतप्रोत है। इसी वजह से इसे बाद में “सक्ती’ कहा जाने लगा। सक्ती रियासत छत्तीसगढ़ के प्रमुख गढ़ में से एक है। मध्यप्रदेश के जमाने में यह सबसे छोटी रियासत थी। अब राज्य गठन के 22 साल बाद इसे जिले के तौर पर नई पहचान मिल रहा है।



मुख्यमंत्री के रोड शो काफिला के साथ राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों पर आधारित चलित झांकी भी साथ चल रही है। इसमें जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मत्स्य बीज संचयन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, समन्वित कृषि प्रक्षेत्र, स्वच्छ भारत मिशन आदि की चलित आकर्षक झांकियां द्वारा प्रदर्शित की जा रही है।

