CG BREAKING : Hearing on pay scale petitions of thousands of teachers completed, know the decision…
रायपुर/बिलासपुर, 12 नवंबर। क्रमोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर प्रदेशभर के एक हजार से अधिक शिक्षकों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई और न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इससे पहले हाईकोर्ट ने शिक्षिका सोना साहू को क्रमोन्नत वेतनमान देने का आदेश दिया था। उसी फैसले को आधार बनाकर सैकड़ों शिक्षकों ने भी कोर्ट की शरण ली। हालांकि, राज्य सरकार ने सोना साहू के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षकों के वकीलों से पूछा कि सोना साहू का आदेश अन्य याचिकाओं पर क्यों लागू किया जाना चाहिए, जबकि वह मामला पंचायत शिक्षकों से जुड़ा था। अदालत ने यह भी सवाल किया कि क्रमोन्नति का लाभ नियुक्ति की तारीख से दिया जाए या संविलियन (मर्जर) के बाद से।
राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि 2017 का परिपत्र केवल नियमित शासकीय शिक्षकों के लिए था, जबकि पंचायत शिक्षकों का संविलियन 2018 में हुआ। इसलिए सेवा अवधि की गणना 2018 से ही की जानी चाहिए। साथ ही बताया गया कि 6 नवंबर 2025 को सामान्य प्रशासन विभाग के नए आदेश में यह स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में एक ही विषय पर याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इससे पहले चिटफंड घोटाले में करीब 20 हजार शपथपत्र कोर्ट में जमा हुए थे।

