Chhattisgarh मुनियों की तपोस्थली: राधाकृष्णन

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ को ऋषि-मुनियों तपोस्थली माना जाता है. बेंगलुरु के रहने वाले राधाकृष्णन 8 साल पूर्व हरिद्वार से संन्यास लिया है.. इधर अयोध्या को राम जन्मभूमि माना गया है..

मर्यदापुर्षोत्तम राम ने 14 साल के वनवास के दौरान आयोध्या से निकलकर पुरे भारत देश में भ्रमण किया था..जिसे देखते हुए सन्यासी राधाकृष्णन ने(राम गमन वन पथ)जहा-जहा मर्यदापुर्षोत्तम राम के पैर पड़े थे. वहां से साईकिल के द्वारा अपनी यात्रा एक साल पूर्व रामनवमी के दिन शुरुआत की थी. इसमें खास बात यह है की जहां मर्यदापुर्षोत्तम राम के पैर रामेश्वरम में अंतिम में पड़े थे.वहां से अपनी यात्रा सन्यासी राधाकृष्णन ने शुरुआत की है और इसका समापन अयोध्या के राम जन्मभूमि पर समाप्त किया जायेगा.

इधर सन्यासी राधाकृष्णन ने बताया की देश 249 मंदिरो से 161 मंदिरो के धूल को लिया है..साथ ही कहा कि छत्तीसगढ़ का उत्तर भाग ऋषिमुनियों की तपोस्थली भी रही है।

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