
CG BREAKING : Australia-like mineral reserves now in Chhattisgarh!
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना तहसील में निकल, तांबा और प्लेटिनम समूह के सल्फाइड आधारित खनिज संरचना का बड़ा भंडार मिला है। यह ब्लॉक करीब 30 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जो भारत को वैश्विक क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बना सकता है। शुरुआती सर्वे में करीब 700 मीटर लंबा खनिजीकृत ज़ोन मिला है, जिसमें निकेल, तांबा और PGE जैसे बहुमूल्य खनिज मौजूद हैं।
ऑस्ट्रेलिया और फिनलैंड जैसे बड़े भंडारों से मेल
यहां की चट्टानों की बनावट माफिक-अल्ट्रामाफिक है, जो दुनिया के प्रमुख खनिज भंडार ऑस्ट्रेलिया के नेबो-बेबल और फिनलैंड के अहमावारा से मिलती-जुलती है। भूभौतिकीय सर्वेक्षण में 300 मीटर गहराई तक सल्फाइड खनिजों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
रणनीतिक महत्व का केंद्र बनेगा महासमुंद
भालुकोना ब्लॉक के पास स्थित केलवरडबरी निकल, क्रोमियम एवं PGE ब्लॉक पहले ही वेदांता लिमिटेड को नीलामी में दिया जा चुका है। दोनों ब्लॉकों का संयुक्त विकास महासमुंद को देश के रणनीतिक खनिजों का प्रमुख केंद्र बना सकता है।
मुख्यमंत्री बोले – ऐतिहासिक खोज
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा “यह खोज राज्य और देश के लिए अत्यावश्यक खनिज संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में निर्णायक कदम है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को मजबूत करेगी और सतत विकास को बढ़ावा देगी।”
रणनीतिक खनिजों पर फोकस
2024-25 के अन्वेषण प्रस्तावों में 50% से अधिक फोकस रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों पर है। अब तक राज्य 51 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर चुका है, जिनमें ग्रेफाइट, लिथियम, क्रोमियम, PGE, फॉस्फोराइट और टिन जैसे संसाधन शामिल हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह खोज न केवल छत्तीसगढ़ की खनिज क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों के लिए जरूरी खनिजों की आपूर्ति में भी अहम योगदान देगी।