CHHATTISGARH : समाजवाद का मतलब है जरुरत के मुताबिक लेना औरजरुरत के मुताबिक देना – रघु ठाकुर

Date:

 

कुरदा, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़)। 23 में 2026 छत्तीसगढ़ के जिला जांजगीर चांपा के कुरदा गांव में लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के छत्तीसगढ़ के साथियों का दो दिवसीय शिविर शुरू हुआ।
शिविर में सबसे पूर्व झंडा-रोहण लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक श्री रघु ठाकुर ने किया। उसके पश्चात झंडा गीत गायन हुआ। जिसको श्री रघु ठाकुर जी ने गाया साथ-साथ में शिविर के साथियों ने उसको दोहराया।
शिविर के प्रथम सत्र उद्घाटन भाषण में श्री रघु ठाकुर जी ने कहा कि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के छत्तीसगढ़ के साथियों ने जांजगीर चांपा के साथियों के साथ चर्चा कर गांव कुरदा का चयन किया। इसी स्थान पर पहले भी पार्टी के साथियों का शिविर हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस शिविर के पश्चात 6 व 7 जून को मध्य प्रदेश के साथियों का शिविर ग्वालियर में होगा। और उसके बाद बरसात में उत्तर प्रदेश साथियों के शिविर होगा। 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है और यह उत्तर प्रदेश का चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण होगा क्योंकि उसी के बाद उत्तर प्रदेश के विधानसभा का चुनाव भी होना है। उत्तर प्रदेश में जिसकी सरकार बनती है दिल्ली में केंद्र की सरकार बनने में उत्तर प्रदेश बड़ी भूमिका निभाता है। हमसे अखबार वाले पूछते हैं कि क्या समाजवाद बचेगा? समाजवाद का क्या होगा? उनको मैं यह बताना चाहता हूं कि जब तक दुनिया है समाजवाद रहेगा। सूर्य किसी से नहीं पूछता कि तुम्हारी जात क्या है? धर्म क्या है? सबको बराबर देता है। तालाब किसी से नहीं पूछता के तुम्हारा नाम क्या है? जाति क्या है? धर्म क्या है? सबको बराबर पानी मिलता है। नदी से नहीं पूछती तुम्हारा नाम क्या है? जाति क्या है? धर्म क्या है? किस क्षेत्र के हो? किस प्रदेश के हो? सबको बराबर पानी देती है। प्रकृति सबको एक सा देती है. इसलिए सबको जरुरत के अनुसार लेना चाहिए। जितनी जरूरत है उतना ही लेना चाहिए। जो लोग समाजवाद का विरोध करते हैं वह सही मायने में वे प्रकृति के भी विरोधी है। भगवान कोई भेदभाव नहीं करता। वह बराबरी के हिसाब से देखता है। लेकिन हम लेने वाले जरूरत के हिसाब से नहीं लेते। जबकि चाहिए कि हम जरूरत के हिसाब से लें। आज देने वाली सरकार है और लेने वाली जनता। सरकार की नजरों में भी सब बराबर होने चाहिए। सरकार यदि भेदभाव करती है तो उस सरकार को रहने का कोई हक नहीं होना चाहिए – उसको हटाना ही चाहिए। गरीबों की रेखा से नीचे रहने वालों की सालाना आय 50 हजार रुपए से कम है यानि करीब 4200 रूपये महीना। छत्तीसगढ़ की औसत आय 5 हजार रूपये महीना। लेकिन आज स्थिति बदल गई है आज अंबानी की एक दिन की आमदनी 1 दिन की 1 लाख करोड रुपए है। देश की सरकार यानि 140 करोड़ की जनता की सरकार का बजट 50 लाख करोड़ से 60 लाख करोड रुपए है और अंबानी सालाना आय…. है
गांधी ने कहा था कि भारत गरीबों का देश गरीबों का देश है। गांधी जी इंग्लैंड गए वहां के राजा जॉर्ज पंचम ने उनको खाने पर अपने महल पर आमंत्रित किया। गांधी जी जब राजा से मिलने गए तो जॉर्ज पंचम ने गांधी जी को देखकर कहा कि तुमने इतने कम कपड़े क्यों पहने हो? गांधी जी ने उत्तर दिया क्योंकि आप इतने ज्यादा कपड़े पहने हुए हैं इसलिए मेरे लिए इतने ही बचे हैं।यह शोषण की व्यवस्था है। सरकार ने मनरेगा का नाम बदल दिया नाम ही नहीं बदला बल्कि बजट भी घटा दिया काम के दिन भी घटा दिए। हमें चेतना और राजनीति का संबंध भी समझना होगा। इंसान अपने मन में अपनी जरूरत के बारे में सोच पर विचार करे। समाज में गड़बड़ी के दो प्रमुख कारण हैं। एक – राजनीति की गड़बड़ी और दूसरा- चेतना का अभाव। इसके लिए तीन चीज आवश्यक हैं :- एक- ज्ञान, दो- सूचना, तीन- विवेक।
डॉ लोहिया ने – सीमा बांधो का नारा दिया था। जिसमें दाम की सीमा निश्चित होनी चाहिए। किसान के लिए फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम तथा वहीं बाजार की चीजों के लिए लागत का डेढ़ गुना अधिकतम होना चाहिए। आज देखा जा रहा है की पानी की बोतल ₹20 में मिल रही है लेकिन उसकी लागत 4 से 5 रुपए आती है यानि मुनाफा करीब ₹15 अर्थात मुनाफा तीन गुना जबकि इसकी कीमत अधिकतम 6-7 रूपये अधिकतम होनी चाहिए। खर्च की सीमा भी निश्चित होनी चाहिए। आज देखा जा रहा है कि बड़े पैसा वालों की खर्च की कोई सीमा ही नहीं। इस खर्च की होड ने समाज को बिगाड़ा है। आज राजनीति में जो लूट मची है, उसको ठीक करने की जरूरत है। लूटने वालों से मुक्ति पाओ। ऐसे ईमानदार नेताओं को लाओ जो राजनीति को बेचें नहीं। आप बाजार जाते हो सब्जी खरीदने- तो देखभाल करके अच्छी सब्जी लेते हो तो चुनाव में भी ईमानदार और अच्छे नेताओं का चुनाव करो।

द्वितीय सत्र में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्री राम कुमार तिवारी जी ने कहा कि -आज के समय में हमअगर हममें स्वतंत्रता का बोध आ गया तो हम मन से स्वतंत्र हो जाएंगे ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अंदर की स्वतंत्रता को स्वीकारें।
समाजवादी साथी राजकुमार अग्रवाल जी ने बोलते हुए कहा कि – हमें अपने आपमें बदलाव लाना होगा, तभी समाज में बदलाव आएगा। हमको अपने से सुधार शुरू करना चाहिए।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मदन जैन ने कहा कि लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी आज देश में दीये का काम कर रही है।
तृतीय सत्र को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रताप सिंह आदिवासी नेता श्री शिव नेताम,अध्यक्ष श्री अशोक पंडा, प्रदेश महासचिव श्री श्याम मनोहर सिंह, जिला उपाध्यक्ष श्री फेकन सिंह मरावी, श्री नित्यानंद प्रधान ने भी सम्बोधित किया।
चतुर्थ सत्र को जिलाध्यक्ष श्री राम सिंह क्षत्रि,वरिष्ठ समाजवादी नेता श्री अरविन्द सिंह दुर्ग, श्री कुशल जायसवाल जिला प्रवक्ता ने भी सम्बोधित किया
शिविर का संचालन मजदूर नेता साथी जावेद उस्मानी ने किया।
ग्राम कुरदा में कार्यक्रम समिति ने पाँच स्मृति द्वार -(1)स्व. स्नेह प्रभा गुप्ता पत्नी नंदन गुप्ता रायगढ़,(2)स्व. दशराम बंजारे प्रभारी जांजगीर चांपा द्वार, (3)स्व. रामभागत अग्रवाल खरसिया द्वार,
(4)स्व. शान्ति साहू माता श्री नर सिंह साहू सरपंच द्वार , (5)स्व. पूर्णिमा सिंह क्षत्रि बहन श्री राम सिंह क्षत्रि पूर्व सरपंच द्वार ग्राम कुरदा में घुसने से कार्यक्रम स्थल तक बनाये गये जिन पर लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक श्री रघु ठाकुर ने शिविर में पहुँचने से पूर्व माल्यार्पण किया।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

CHHATTISGARH : सरकारी आदेश ठेंगा पर!

CHHATTISGARH : Government orders ignored! रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा...