CGPSC SCAM: CBI presented 400 pages charge sheet, big revelations
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) घोटाले में सीबीआई ने गुरुवार को विशेष अदालत में करीब 400 पन्नों की आरोप पत्र और 2,000 पन्नों के दस्तावेज पेश किए। चार्जशीट में दावा किया गया है कि पेपर लीक कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया।
सीबीआई ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि पार्श्वे सोनवानी ने अपने भतीजे नितेश और साहिल को प्रश्न पत्र लीक कराए, जो बाद में डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी बने। घोटाले की गहन जांच के बाद सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने इनकी न्यायिक रिमांड 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। आरोप पत्र पर बहस 30 जनवरी को होगी।
पेपर लीक का सिलसिला –
सीबीआई के मुताबिक, सोनवानी के आदेश पर प्रश्न पत्र बजरंग इस्पात के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल तक पहुंचाए गए। गोयल ने इसे अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को सौंपा। शशांक और भूमिका दोनों डिप्टी कलेक्टर बने।
चार्जशीट में सीबीआई ने इस साजिश का सिलसिलेवार जिक्र किया है। 2021 की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्र आरती वासनिक और टामन सिंह ने अनुमोदित किए थे। ये पेपर प्रिंटर से लेकर रायपुर तक पहुंचाए गए और वहां से लीक कर दिए गए।
मुख्य परीक्षा और फाइनल रिजल्ट में गड़बड़ियां –
8 मार्च 2022 : प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ, जिसमें 2548 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए।
15 मई 2022 : मुख्य परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें चार प्रमुख आरोपी – शशांक, भूमिका, नितेश, और साहिल ने एक ही केंद्र से परीक्षा दी।
11 मई 2023 : फाइनल रिजल्ट में भाई-भतीजावाद के आरोप लगे। शशांक, भूमिका, और नितेश डिप्टी कलेक्टर, जबकि साहिल डीएसपी बने।
भ्रष्टाचार के ठोस सबूत –
सीबीआई ने पाया कि उद्योगपति श्रवण गोयल के बेटे और बहू ने 45 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। डिजिटल सबूत भी जांच एजेंसी के पास हैं।
आरोपियों की सूची और संभावित गिरफ्तारियां –
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले में 30 से अधिक अन्य उम्मीदवार और शामिल हो सकते हैं। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।
पीएससी फाइनल रिजल्ट के बाद, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद भाजपा सरकार ने सीबीआई जांच का आदेश दिया।
सीबीआई की जांच जारी है और इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

