CGMSC scam : ACB makes a major disclosure, exposes syndicate of 3 companies, presents supplementary challan
रायपुर। छत्तीसगढ़ में CGMSC घोटाले ने अब और बड़ा रूप ले लिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस केस में पूरक चालान पेश करते हुए बड़ा खुलासा किया है।
जांच में सामने आया कि ‘हमर लैब’ योजना के नाम पर 3 कंपनियों ने मिलकर पूरा खेल रचा। टेंडर प्रक्रिया को सेट किया गया, फर्जी दस्तावेज लगाए गए और कीमतें मनमर्जी से बढ़ाई गईं।
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की कीमत असली MRP से कई गुना ज्यादा दिखाकर सरकार को भेजी गई। यानी कागजों में ही करोड़ों का खेल खेला गया।
ACB के मुताबिक मोक्षित कॉर्पोरेशन, रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने मिलकर सिंडिकेट बनाया और एक जैसे रेट, पैटर्न और प्रोडक्ट दिखाकर टेंडर हासिल किया।
इस पूरे खेल में सरकार को करीब 550 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अब तक 10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश हो चुका है और जांच अभी जारी है।
बड़ी बात ये भी है कि महज 27 दिनों में 750 करोड़ के ऑर्डर दे दिए गए, जबकि इतनी तत्काल जरूरत ही नहीं थी। अब इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आने की संभावना है।

