CG NEWS: रायपुर: शंकर नगर स्थित पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर में सात साल पहले बच्चों की अदला-बदली के गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। कोर्ट ने रायपुर एसएसपी को एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए हैं।
मामला 25 दिसंबर 2023 का है, जब नर्सिंग होम में एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि जन्म के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें दूसरे दंपति के बच्चों के रूप में सौंप दिया। डीएनए जांच में एक बच्चे का जैविक संबंध मां से मिला, लेकिन दूसरे बच्चे का डीएनए किसी भी माता-पिता से मेल नहीं खा सका, जिसके बाद बच्चा अदला-बदली का आरोप लगा।
परिवार ने पहले पुलिस में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की थी। बाद में सीमएएमयू के मेडिकल बोर्ड द्वारा छह डॉक्टरों की टीम से कराई गई जांच में अस्पताल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी गई। इस रिपोर्ट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसे खारिज कर दिया गया।
हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट परिवार सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जस्टिस संजय मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर सवाल उठाए और पहलाजानी सरोगेसी सेंटर के संचालक व मेडिकल बोर्ड के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करने के निर्देश रायपुर पुलिस को दिए हैं।

