CG BREAKING: The government showed the way out to the corrupt officer, the new district CEO was appointed immediately
कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरबा के उस भ्रष्ट अधिकारी को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिसने अपने करतूतों से सरकारी राजस्व को ना केवल क्षति पहुंचाई, बल्कि गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य कर लोगों की उम्मीदों को भी ठेस पहुंचाया। सरकार ने यह कार्रवाई रामपुर विधायक ननकीराम कंवर की शिकायत के आधार पर की है।
कोरबा जनपद पंचायत में जीके मिश्रा सीईओ के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने करतला जनपद पंचायत में CEO के पद पर रहते हुए कई गंभीर अनियमितताओं का अंजाम दिया। सरकारी राजस्व का बंदरबांट कर खुद तो पैसों से लाल हुए ही, बल्कि अपने चहेतों को भी लाभ पहुंचाया ।
42 लाख का फ़र्जी चेक जारी करने का आरोप –
पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जीके मिश्रा पर 42 लाख रुपए का फ़र्जी चेक जारी करने का गंभीर आरोप लगा था और कहा गया था कि इसका लाभ उन्होंने तत्कालीन जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रज्जाक अली को पहुंचाया। जीके मिश्रा के खिलाफ रामपुर विधायक ननकीराम कंवर ने भी विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद अब सरकार ने यह कार्रवाई की है। वर्तमान में जीके मिश्रा जनपद पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। यहां भी उन्होंने जमकर भ्रष्टाचार की गंगा बहाई और ऐसे कई कार्यों को अंजाम दिया, जिससे प्रशासनिक हलकों में वे खूब चर्चा का विषय बने रहें।
कलेक्टर ने तत्काल की कार्रवाई, नये सीईओ नियुक्त –
यही वजह है कि, मंत्रालय से उनके निलंबन आदेश आने के तत्काल बाद आधे घंटे के भीतर कोरबा कलेक्टर संजीव झा ने एक महिला अधिकारी को कोरबा जनपद पंचायत का CEO बना दिया। कहा जा रहा है कि, रामपुर विधायक ननकीराम कंवर की शिकायत के आधार पर ही यह कार्रवाई सरकार ने की है।
