CG BREAKING: State Gazetted Officers Association comes out in support of IES officer, accuses IAS of harassment
रायपुर। भारतीय इंजीनियरिंग सर्विस (IES) के अफसर को कथित रूप से प्रताड़ित करने के मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ सामने आ गया है। राजनांदगांव हाउसिंग बोर्ड के ईई सीएस बेलचंदन ने अपने विभाग के कमिश्नर आईएएस अफसर धर्मेश साहू पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसमें उन्होंने बेवजह प्रताड़ित करने की शिकायत को लेकर संघ से मदद की गुहार लगाई थी। 2002 बैच के IES अफसर बेलचंदन ने प्रताडऩा से तंग आकर आत्महत्या करने की भी चेतावनी दी है। इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर धर्मेश साहू को जिम्मेदार ठहराने की बात सामने रखी है।
सीएस बेलचंदन ने अपने शिकायत पत्र में लिखा है कि वे लगातार धर्मेश साहू के रवैये से उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। वह मानसिक और शारीरिक रूप से संकट के दौर से गुजर रहे हैं। पिछले दिनों बेलचंदन को यात्रा भत्ता की राशि आहरित करने के आधार पर कमिश्नर ने निलंबन का फरमान जारी किया था। पिछले 8 सालों से बेलचंदन छत्तीसगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। उन्होंने आईएएस अफसर साहू के खिलाफ प्रताड़ित करने के लिए राजपत्रित अधिकारी संघ को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी के सामने आने से प्रशासनिक बिरादरी में खलबली मच गई है।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कमल वर्मा ने TRP न्यूज़ से चर्चा में कहा कि कमिश्नर धर्मेश साहू से बेलचंदन के निलंबन आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही इस मामले को लेकर संघ ने अवर मुख्य सचिव सुब्रत साहू से भी मुलाकात कर मामले का पटाक्षेप करने की मांग की है। सूत्र बताते हैं कि सुब्रत साहू भी EE बेलचंदन के निलंबन की कार्यवाही को लेकर नाराज हैं। कमल वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अधिकारी और कर्मचारियों के बीच तालमेल बना रहे, इसके लिए संघ का हमेशा प्रयास रहा है, लेकिन उत्पीड़न के मामलों का खुलकर संघ खिलाफत करता रहेगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की ओर से राज्य सरकार को इस संबंध में अवगत कराया जाएगा। वहीं निलंबित अफसर को बहाल करने के लिए भी प्रयास किया जाएगा।
उधर ईई बेलचंदन का कहना है कि उन्होंने अनुमति के आधार पर दिल्ली की यात्रा की थी। इसके एवज में यात्रा भत्ते की मांग रखी थी। मगर कमिश्नर ने उन्हें जानबूझकर निलंबित कर दिया। पिछले कुछ दिनों से हाउसिंग बोर्ड में चल रहे घटनाक्रम ने सुर्खियां बंटोरी है। बहरहाल देखना है कि IAS और IES अफसरों के बीच हुए इस विवाद का कब तक पटाक्षेप होता है।

