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CG BIG NEWS : महिला IFS पर एक लाख पेनाल्टी, सूचना का अधिकार वन अफसरों पर लगातार भारी, जानें पूरा मामला

CG BIG NEWS: One lakh penalty on women IFS, Right to Information is heavy on forest officers, know the whole matter

रायपुर। सूचना का अधिकार छत्तीसगढ़ के वन अफसरों पर लगातार भारी पड़ रहा है। अबकी बार छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने 4 अलग-अलग प्रकरणों में महिला आईएफएस जन सूचना अधिकारी पर एक लाख रुपए की पेनल्टी अधिरोपित की है। इसी के साथ चारों प्रकरणों में प्रथम अपील अधिकारी मुख्य वन संरक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा प्रमुख सचिव वन छत्तीसगढ़ शासन से की है। आयोग ने कहा कि आवेदक ने जो सूचना चाही थी वह सूचना शासकीय धन के व्यय से संबंधित थी जो कि सूचना का अधिकार अधिनियम के मूल उद्देश्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही के अनुकूल थी।

क्या है मामला ? –

जगदलपुर के शरद सिंह ने वन मंडल अधिकारी जगदलपुर के यहां पर 4 आवेदन लगाकर सूचना चाही थी कि 2018 से 2020 के मध्य रजा सेल्स जगदलपुर को रु 2,52,13,248 का भुगतान सामग्री क्रय करने के लिए किया गया है, उससे संबंधित फाइल का अवलोकन कराया जावे। दूसरे आवेदन में चाहा था कि रजा सेल से क्रय की गई सामग्री को किन कार्यों में उपयोग किया गया है। तीसरे आवेदन में 2019 से 2020 के बीच जय किसान कृषि केंद्र को रु 89,33,158 का भुगतान सामग्री करने की फाइल का अवलोकन से संबंधित था। चौथे आवेदन में वन मंडल सामान्य जगदलपुर में पहले पदस्थ अफसर मोहम्मद शाहिद के कार्यकाल की चेक ड्रान रजिस्टर की छाया प्रति चाही गई थी। सूचना ना मिलने पर प्रथम अपील दायर की गई जिसके पश्चात भी आवेदक को सूचना ना मिलने के कारण द्वितीय अपील दायर की गई।

सूचना आयोग ने कहा कि आवेदक ने जो सूचना चाही थी वह सूचना शासकीय धन के व्यय से संबंधित थी जो कि सूचना का अधिकार अधिनियम के मूल उद्देश्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही के अनुकूल थी। आयोग ने जन सूचना अधिकारी के द्वारा आवेदनों के निराकरण को विधि सम्मत नहीं पाया और तत्कालीन जन सूचना अधिकारी वनमंडल अधिकारी जगदलपुर वर्तमान पदस्थापना वनमंडल अधिकारी रायगढ़ सुश्री स्टाइलों मंडावी पर प्रत्येक प्रकरण में ₹25000 की पेनल्टी अधिरोपित की है। इसी प्रकार मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर मोहम्मद शाहिद पर 4 प्रकरणों में अलग-अलग अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा प्रमुख सचिव वन से की है।

महिला आईएफएस सबसे आगे –

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के आईएफएस अधिकारियों को पहले भी पेनल्टी लग चुकी है अभी तक अधिकतम पेनल्टी दो प्रकरणों में मयंक पांडे पर रु 50,000 की अधिरोपित की गई है परन्तु अब मांडवी पर एक लाख की पेनल्टी लगाई गई है।

इस IFS पर कार्रवाई कब तक –

सूचना आयोग ने तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक रायपुर और प्रथम अपील अधिकारी एसएसडी बडगैय्या पर 3 प्रकरणों में अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की गई है परन्तु तब तक वे सेवानिवृत हो गए थे। परंतु शाहिद अभी सेवारत है उनकी सेवानिवृति में एक साल बाकि है ऐसे में उनके विरुद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है इस पर सबकी नजर रहेगी। जानकारों का कहना है कि कैबिनेट से मंजूरी लेकर बडगैय्या के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।

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