CG ASSEMBLY BUDGET SESSION 2025: The issue of allotment of government land in Raipur heated up in the assembly, BJP raised questions
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को शासकीय जमीन के आवंटन का मुद्दा गरमा गया। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने अमलीडीह की शासकीय भूमि के आबंटन पर सवाल उठाए और सरकार पर बंदरबांट का आरोप लगाया।
क्या है मामला?
धरमलाल कौशिक ने पूछा कि 56 करोड़ रुपए की जमीन के बदले सिर्फ 9 करोड़ रुपए की राशि जमा की गई थी। उन्होंने जानना चाहा कि अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? कौशिक ने दावा किया कि भूमि का आबंटन रामा बिल्डकॉन को किया गया था और आबंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई थीं।
सरकार ने क्या दिया जवाब?
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा, “मंत्रिमंडल में नियम में बदलाव की वजह से आवंटन निरस्त कर दिया गया था। प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, बल्कि प्रक्रियाधीन थी, इस दौरान कैबिनेट का फैसला आ गया और आवंटन रोक दिया गया।”
उन्होंने कहा कि कलेक्टर द्वारा डिमांड लेटर जारी ही नहीं किया गया था और भूमि अब भी शासन के नाम पर ही दर्ज है।
विपक्ष का तंज, मंत्री का पलटवार
कौशिक ने आरोप लगाया कि 56 करोड़ की जमीन को 9 करोड़ में निपटाने की कोशिश हो रही थी। उन्होंने कहा, “सरकारी जमीन की बंदरबांट की जा रही है। मंत्री सदन में असत्य कथन कर रहे हैं।”
मंत्री टंकराम वर्मा ने दोहराया कि आवंटन प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है।
क्या ढहाया जाएगा निर्माण?
कौशिक ने सवाल किया कि यदि जमीन का आवंटन रद्द कर दिया गया है, तो क्या उस पर बने स्ट्रक्चर को ढहाया जाएगा? हालांकि, इस पर मंत्री वर्मा का स्पष्ट जवाब नहीं आया, लेकिन उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और नियमों का पालन किया जाएगा।
सदन में गरमाहट, आगे की कार्रवाई पर नजरें
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदन में गर्मा-गर्म बहस हुई। अब देखना होगा कि सरकार इस प्रकरण में आगे क्या कार्रवाई करती है और क्या जमीन पर बने स्ट्रक्चर को ढहाने की दिशा में कदम उठाएगी।

