BREAKING: DGP sent on leave, Puran Kumar suicide case creates political storm
चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। सुसाइड नोट में आठ वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया के नाम शामिल हैं, के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए डीजीपी कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है।
पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में इन अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए थे। घटना के बाद परिजनों और समर्थकों ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि जब तक डीजीपी को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
सरकार अब मृतक अधिकारी की पत्नी और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार को मनाने की कोशिश कर रही है। वहीं चंडीगढ़ पुलिस ने जांच के लिए राज्य सरकार से जरूरी दस्तावेज मांगे हैं और अमनीत कुमार से शव की पहचान के लिए आगे आने का अनुरोध किया है।
मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज चंडीगढ़ पहुंचकर वाई पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात करेंगे। इससे पहले कई विपक्षी नेता भी परिवार से मिलकर सरकार पर कार्रवाई में देरी के आरोप लगा चुके हैं।
राज्यपाल असीम कुमार घोष ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई है। सरकार ने जांच में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
