Breaking News: Opium Cultivation Discovered Again in Balrampur; Creates a Stir
बलरामपुर: बलरामपुर में अफ़ीम की खेती की खबर अभी ठंडी भी नही हुई की एक और खेत में अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। थोड़ी देर में देखिये पूरी रिपोर्ट।
CHHATTISGARH : Statistics of SC-ST Act shocked!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में SC-ST एक्ट के तहत दर्ज मामलों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विधानसभा में सरकार ने बताया कि 1 जनवरी 2023 से 16 फरवरी 2026 तक इस कानून के तहत कुल 2455 केस दर्ज किए गए हैं।
इन मामलों में सबसे ज्यादा संख्या रेप के मामलों की है। आंकड़ों के मुताबिक 1013 केस रेप से जुड़े हैं, जो कुल मामलों का करीब 41 प्रतिशत है। यानी लगभग हर तीन मामलों में से एक मामला रेप का है। इसके अलावा 73 हत्या के मामले भी दर्ज किए गए हैं।
सरकार के मुताबिक 380 मामलों में मारपीट कर चोट पहुंचाने और 60 मामलों में गंभीर चोट पहुंचाने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। वहीं 30 मामलों में अपहरण के केस भी सामने आए हैं।
यह जानकारी विधानसभा में बीजेपी विधायक पुन्नूलाल मोहले के सवाल के जवाब में दी गई। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि ये सभी आंकड़े राज्य के अलग-अलग जिलों से मिले रिकॉर्ड के आधार पर तैयार किए गए हैं।
जिलावार आंकड़ों में जांजगीर-चांपा जिले में सबसे ज्यादा 168 केस दर्ज हुए हैं। इसके बाद बलरामपुर में 165 मामले सामने आए हैं। राज्य के 33 जिलों में से 8 जिलों में 100 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि 2269 मामलों में पुलिस जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश कर चुकी है, जबकि 166 मामलों की जांच अभी जारी है। वहीं 20 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है।
पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने को लेकर भी जानकारी दी गई। सरकार के मुताबिक अब तक 1647 मामलों में पीड़ितों को 28 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। हालांकि 670 मामलों में मुआवजे की प्रक्रिया अभी भी लंबित है।
CG MEDICAL COLLEGE : Big approval for Raipur Medical College!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर के पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय को डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो सीटों की मंजूरी मिल गई है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यह अनुमति दी है। मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट और निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया।
दरअसल मेडिकल कॉलेज ने पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति हेल्थ साइंसेज एवं आयुष विश्वविद्यालय के माध्यम से आवेदन किया था। निर्धारित मानकों और नियमों की जांच के बाद एनएमसी ने डीएम-कार्डियोलॉजी की दो सीटों को मंजूरी दे दी।
इस फैसले से छत्तीसगढ़ में हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही गंभीर हार्ट से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए प्रदेश में बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है।