CHHATTISGARH : Big decision of High Court, recovery notice cancelled
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि प्रोपराइटरशिप फर्म के मालिक की मौत के बाद उसके कानूनी वारिसों से पुराना सर्विस टैक्स नहीं वसूला जा सकता।
कोर्ट ने मृत कारोबारी की पत्नी और बैंक खातों के खिलाफ जारी रिकवरी और गार्निशी नोटिस को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि मृत करदाता के वारिसों के खिलाफ सिर्फ पुराने टैक्स की वसूली के लिए खाता या संपत्ति कुर्क नहीं की जा सकती।
NEET STUDENT SUICIDE : CJP प्रोटेस्ट खत्म होते ही NEET को लेकर एक और सुसाइड
मामला भिलाई के रिसाली निवासी देवन अनीषा से जुड़ा है। उनके पति महेंद्रन रूपेश नायडू प्रोपराइटरशिप फर्म चलाते थे। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए 10.74 लाख रुपये सर्विस टैक्स और इतनी ही राशि का जुर्माना लगाया था।
करदाता की 2023 में मौत के बाद विभाग ने उनकी पत्नी और बैंक खातों के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ‘शबीना अब्राहम’ फैसले का हवाला देते हुए नोटिस को कानूनन गलत माना और पूरी तरह निरस्त कर दिया।
