CG DOCTOR THREAT : Threat to doctor on duty, FIR against BJYM district president
बिलासपुर, 28 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक रसूख के दम पर सरकारी कर्मचारियों को धमकाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। बिलासपुर जिले के तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) में रात्रिकालीन ड्यूटी कर रहे एक डॉक्टर को खुलेआम धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में भाजपा के पूर्व विधायक के पुत्र और भाजयुमो मुंगेली जिलाध्यक्ष तरुण खांडेकर के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
मामला 24 जनवरी की रात करीब 9:40 बजे का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता डॉ. अभिषेक पात्रो, जो वर्तमान में सीएससी तखतपुर में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ हैं, ने तखतपुर थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि आरोपी अपनी माता को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा था।
डॉ. पात्रो के अनुसार, आरोपी ने तय मेडिकल प्रोटोकॉल को नजरअंदाज कर अपनी मर्जी से इलाज कराने का दबाव बनाया। जब डॉक्टर ने नियमों के तहत इलाज की बात कही और अनुचित मांग मानने से इनकार किया, तो आरोपी भड़क गया। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने डॉक्टर के साथ गाली-गलौज की और कहा— “तू मुझे नहीं जानता, जैसा मैं कहता हूं वैसा इलाज कर।” इसके साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई और राजनीतिक पहचान का हवाला देकर डराने की कोशिश की गई।
डॉक्टर का आरोप है कि आरोपी लगातार शासकीय कार्य में बाधा डालता रहा, जिससे अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद डॉ. पात्रो ने खुद को असुरक्षित बताते हुए पुलिस से शिकायत की।
डॉक्टर ने जताया जान का खतरा
डॉ. अभिषेक पात्रो ने अपनी लिखित शिकायत में कहा है कि घटना के बाद वे मानसिक रूप से भयभीत हैं और रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता में हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि भविष्य में यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपी की होगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तखतपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2) और 221 के तहत आरोपी तरुण खांडेकर के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक रसूख और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
बताया जा रहा है कि आरोपी तरुण खांडेकर भाजपा के पूर्व विधायक चोवादास खांडेकर का पुत्र है और वर्तमान मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले का करीबी रिश्तेदार भी है। इसके अलावा उसका संबंध एक पूर्व मंत्री के परिवार से भी बताया जा रहा है।
इतना ही नहीं, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2018 में तखतपुर क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान तरुण खांडेकर और उसके भाई पर पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज, मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगा था। उस मामले में एक आरक्षक गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसके बाद दोनों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी।
जांच जारी
फिलहाल तखतपुर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर प्रदेश में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और राजनीतिक दबाव के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ले आई है।

