Babuji performed a highly commendable service by establishing Jhini Bai College, thereby fostering the higher education, upliftment, and development of young women: Jyotsna Mahant.
हरदीबाजार। झीनी बाई स्मृति कन्या महाविद्यालय के उद्घाटन अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल एवं बोधराम कंवर की उपस्थिति में शिलान्यास का विधिवत पूजन पंडित रेखाराम पांडेय द्वारा संपन्न कराया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने मां सरस्वती एवं स्व. झीनी बाई कंवर के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना कर दीप प्रज्वलित किया और मंचस्थ हुए।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बोधराम कंवर अपने माता-पिता के आदर्श और मार्गदर्शन को आगे बढ़ा रहे हैं। बोधराम कंवर राजनीति के साथ-साथ शिक्षा और समाज के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि एसईसीएल कोयला निकालने के लिए गांवों को विस्थापित कर रहा है, लेकिन विस्थापित लोगों को बुनियादी सुविधाएं और उनके अधिकार सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है। गांव में लोग एक साथ रहकर सुख-दुख में शामिल होते हैं, लेकिन विस्थापन के बाद आपसी मेल-मुलाकात और सुख-दुख में सहभागिता प्रभावित होती है। उन्होंने बोधराम कंवर के उत्साह और जज्बे को देखते हुए उनके 100 वर्ष की आयु तक स्वस्थ जीवन की कामना की। साथ ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को युवाओं को जोड़ने, उनके साथ बैठक करने, चर्चा करने और संगठन को मजबूत करने की नसीहत दी।

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि बोधराम कंवर द्वारा शास्त्री शिक्षा समिति के माध्यम से खोला गया नवीन झीनी बाई स्मृति कन्या महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इससे पूर्व बोधराम कंवर ने ग्राम्य भारती महाविद्यालय और शास्त्री हाई स्कूल की स्थापना की, जो ग्रामीण अंचल में आज भी संचालित हैं और ग्रामीण युवाओं के लिए शिक्षा का सशक्त माध्यम बने हुए हैं।

पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि बोधराम कंवर ने स्वयं को शिक्षा और समाज के प्रति समर्पित कर दिया है। शास्त्री हाई स्कूल और ग्राम्य भारती महाविद्यालय, जो अब शासकीय हो चुका है, एसईसीएल के कारण विस्थापित हो गया। इसके बावजूद बच्चों के बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने झीनी बाई स्मृति कन्या महाविद्यालय की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम हुआ। आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय खोले गए और सांसद के सहयोग से मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई, लेकिन वर्तमान स्थिति में शिक्षा का स्तर संतोषजनक नहीं है।

बोधराम कंवर ने कहा कि उनकी माता शुरू से ही शिक्षा के प्रति दृढ़ संकल्पित और धार्मिक थीं। उनका सपना था कि क्षेत्र की बेटियों को बेहतर शिक्षा मिले, जिसे आज झीनी बाई स्मृति कन्या महाविद्यालय की स्थापना के माध्यम से पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र की आदिवासी और गरीब बच्चियों को उच्च एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर वातावरण मिल सके, इसी उद्देश्य से महाविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

इस दौरान नवीन महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य कृष्ण कुमार चौधरी ने संस्था के संबंध में संक्षिप्त जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को शाल, साड़ी एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक पाली-तानाखार मोहित केरकेट्टा, पूर्व विधायक कटघोरा पुरुषोत्तम कंवर, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, कटघोरा नगरपालिका अध्यक्ष राज जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी, दुलेश्वरी सिदार, दयाराम कंवर, प्रमिला कंवर, धनंजय कंवर, मुकेश जायसवाल, सरपंच लोकेश्वर कंवर, सूरज महंत, शेख इस्तिक, बद्री प्रसाद राठौर, विजयभूषण सिंह कंवर, तनवीर अहमद, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कौशल श्रीवास, मदनलाल राठौर, सैय्यद कलाम, विजय जायसवाल, विजय अग्रवाल, रामनारायण कश्यप, रामशरण कंवर, मीरा कंवर, सूरज दास मानिकपुरी, कन्हैया राठौर, रमेश अहीर, चंद्रहास राठौर, पुष्पेंद्र शुक्ला, इंद्रपाल सिंह कंवर, विकास सिंह, यशवंत लाल, ईशाख खान, प्रभा कंवर, कांति मधुकर, संतोषी, भैयाराम यादव, अनिल टंडन, हरसेन महंत, पदमनी रात्रे, युवराज सिंह कंवर, गगन यादव, लक्ष्मी बंजारे, अंत डिक्सेना, प्रो. राकेश राठौर, गजानंद यादव एवं मनोज कर्ष सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। मंच का सफल संचालन प्रो. शिव दुबे ने किया।
