After corruption in the education department, now fake promotions have been exposed, two prominent figures have been punished.
कवर्धा: कबीरधाम जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी 2.18 करोड़ रुपये के कथित गबन का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि विभाग में फर्जी पदोन्नति (Fake Promotion) के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ हो गया है। इस मामले में दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक ने कड़ा एक्शन लेते हुए दो रसूखदार कर्मचारियों की पदोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
2021 से चल रहा था पदोन्नति का खेल
मामला वर्ष 2021 का है, जब जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ कनिष्ठ लेखा परीक्षक शिव कुमार निर्मलकर और लेखापाल जेपी बर्वे को पदोन्नत कर सहायक ग्रेड-1 के पद पर बिठा दिया गया था। विभाग के भीतर ही इस पदोन्नति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए और शिकायत की गई। लंबी जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि इन नियुक्तियों में नियमों को ताक पर रखा गया था।
संयुक्त संचालक ने जांच के दिये निर्देश
शिक्षा संभाग दुर्ग के संभागीय संयुक्त संचालक ने इस फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद दोनों कर्मचारियों के प्रमोशन ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कबीरधाम को इस मामले में आगे की दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग में एक के बाद एक सामने आ रहे इन घोटालों ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं

