बिलासपुर (खम्हारडीह): बिलासपुर के समीपस्थ ग्राम खम्हारडीह स्थित श्रीचक्र चक्र महामेरू पीठम् में भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम होने जा रहा है। परमपूज्य अनंत श्री विभूषित श्री श्री श्री सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज के पावन सान्निध्य में इस वर्ष भी भव्य वार्षिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कलश यात्रा के साथ दिनांक 16 जनवरी 2026 से इस 10 दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ होगा।
महोत्सव के मुख्य आकर्षण:
महाराज श्री के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में तीन प्रमुख अनुष्ठान एक साथ संपन्न होंगे:
श्री महारुद्र शत् चंडी महायज्ञ: विश्व शांति और लोक कल्याण के लिए आहुतियां दी जाएंगी।
श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ: देवी के नौ रूपों और शक्ति की महिमा का बखान होगा।
श्री रासलीला (रहस): भक्ति रस में सराबोर करने वाली भगवान कृष्ण की लीलाओं का मंचन होगा।
देश भर के साधु-संतों का होगा समागम
इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता परमपूज्य श्री सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति है। महाराज श्री के बुलावे पर और उनकी सन्निधि में आशीर्वाद लेने हेतु देश के कोने-कोने से प्रख्यात साधु-महात्मा, तपस्वी और नागा साधुओं का आगमन हो रहा है।
भक्तों के लिए दुर्लभ अवसर
आश्रम प्रबंधन के अनुसार, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान और वैराग्य का केंद्र बनेगा। भक्तों को न केवल महायज्ञ का पुण्य लाभ मिलेगा, बल्कि महाराज श्री के प्रवचनों और नागा साधुओं के दर्शन करने का दुर्लभ सौभाग्य भी प्राप्त होगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस सतचंडी यज्ञ के लिए खम्हारडीह आश्रम में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। > “महाराज श्री का संकल्प है कि इस यज्ञ के माध्यम से प्रत्येक श्रद्धालु के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का उदय हो और समाज में समरसता व्याप्त हो।”
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