CHHATTISGARH : This time this mistake in paddy procurement will prove costly!
धमतरी। समर्थन मूल्य पर धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए इस बार खरीदी के नियम जानना बेहद जरूरी है। 15 नवंबर से जिले में धान खरीदी शुरू होगी, लेकिन टोकन में दर्ज मात्रा और तारीख का पालन नहीं करने पर किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। सबसे अहम बात यह है कि टोकन रिजेक्ट होने के बाद नया टोकन जारी नहीं किया जाएगा।
इस साल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। खरीदी केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रहेगा। किसान की पहचान अंगूठे के निशान या आंखों की पुतली से की जाएगी। वहीं, एग्रीस्टेक और डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज जमीन व फसल के रकबे का मिलान भी होगा।
10 नवंबर से मिलेगा ऑनलाइन टोकन
किसानों को टोकन के लिए समितियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। 10 नवंबर से ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के जरिए घर बैठे टोकन लिया जा सकेगा। समिति की रोजाना खरीदी क्षमता के 70 प्रतिशत टोकन मोबाइल एप और 30 प्रतिशत टोकन समिति से जारी होंगे।
रकबे के हिसाब से टोकन की सीमा भी तय की गई है। दो एकड़ तक के किसानों को एक, दो से 10 एकड़ तक के किसानों को अधिकतम दो और 10 एकड़ से ज्यादा रकबे वालों को तीन टोकन मिलेंगे।
108 केंद्रों पर होगी खरीदी
इस बार जिले में 96 समितियों के 108 केंद्रों पर धान खरीदा जाएगा। पिछले साल 100 केंद्र थे। करीब 1.58 लाख किसानों के लक्ष्य के मुकाबले 1.45 लाख से ज्यादा किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन हो चुका है।
अब किसानों के लिए सही डिजिटल रिकॉर्ड, समय पर टोकन और तय मात्रा में धान पहुंचाना सबसे जरूरी होगा।


