Mahanadi Water Dispute: Chhattisgarh and Odisha fail to reach an agreement on the water dispute!
MAHANADI WATER DISPUTE: छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच 43 साल से चल रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने पक्ष रखे।
बैठक में ओडिशा ने गैर-मानसून अवधि में Hydropower प्रोडक्शन के लिए अतिरिक्त पानी मांगा, जिसे छत्तीसगढ़ ने ठुकरा दिया। नतीजतन समझौता नहीं हो सका। अब दोनों राज्यों के बीच सहमति बनाने की नई पहल जारी है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महानदी दोनों राज्यों को बांटने वाली नहीं, बल्कि जोड़ने वाली जीवनधारा है। उन्होंने न्यायपूर्ण और स्थायी समाधान पर जोर दिया, जिसमें दोनों राज्यों के हित सुरक्षित रहें।
सीएम साय ने स्पष्ट किया कि हीराकुंड जलाशय ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके सुचारू संचालन के लिए सहयोग को तैयार है। उन्होंने वैज्ञानिक आंकड़ों, पारदर्शिता और केंद्रीय जल आयोग के तकनीकी आकलन के आधार पर फैसला लेने की बात कही।
दोनों राज्य खेती, सिंचाई, पेयजल और बिजली के लिए महानदी पर निर्भर हैं। बैठक में आगे बातचीत और तकनीकी चर्चा जारी रखने पर सहमति बनी है। केंद्र की मध्यस्थता में आपसी सहयोग से स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।
