DWARKA ROAD ACCIDENT : Stunts, speed and negligence… who is responsible?
नई दिल्ली। राजधानी के द्वारका में 3 फरवरी को हुआ सड़क हादसा एक मां की दुनिया उजाड़ गया। 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा रोज की तरह ऑफिस के लिए निकला था, लेकिन घर वापस नहीं लौटा। उसकी मां इन्ना माकन का कहना है कि यह महज हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी का नतीजा है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना द्वारका साउथ थाना क्षेत्र में लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुई। साहिल की बाइक को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो आगे बढ़कर सड़क किनारे खड़ी एक टैक्सी से भी जा भिड़ी। हादसे में साहिल की मौके पर मौत हो गई, जबकि टैक्सी चालक घायल हो गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना सुबह 11:57 बजे मिली, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
“वे स्टंट कर रहे थे”
मां इन्ना माकन का आरोप है कि स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में उल्टी लेन में चल रही थी और बस के सामने स्टंट करने की कोशिश की जा रही थी। उनका दावा है कि कार में बैठी आरोपी की बहन वीडियो बना रही थी।
उनके मुताबिक, बस के बाईं ओर ई-रिक्शा था, इसलिए साहिल ने दाईं ओर देखने की कोशिश की, तभी स्कॉर्पियो ने बाइक को टक्कर मार दी। मां का कहना है, “यह सिर्फ एक्सीडेंट नहीं, आपराधिक सोच का नतीजा है।”
नाबालिग चालक, बिना लाइसेंस
जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, लेकिन बाद में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई।
मां का यह भी आरोप है कि गाड़ी पर पहले से 13 ओवरस्पीडिंग चालान थे। उनका सवाल है कि इतने चालान के बावजूद वाहन मालिक ने सख्ती क्यों नहीं की।
“मैंने उसे अकेले पाला”
इन्ना माकन बताती हैं कि उन्होंने साहिल को एक सिंगल मदर के रूप में पाला। सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में उन्होंने लिखा कि उनका बेटा मेहनती और प्रतिभाशाली युवक था। “एक लापरवाही ने मेरा सब कुछ छीन लिया,” वे कहती हैं।
इंसाफ की मांग
मां ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्हें भरोसा दिया गया है कि मामले की गंभीरता से जांच होगी।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि सड़क पर स्टंट, ओवरस्पीडिंग और गैर-जिम्मेदार ड्राइविंग पर बड़ा सवाल है। एक मां की अपील है सड़क पर दिखावे की कीमत किसी की जिंदगी न बने।

