CG NEWS गरियाबंद ।छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बड़ी और संवेदनशील घटना सामने आई है। राजिम से लगे दुधकैयां गांव में दो संप्रदायों के बीच अचानक हिंसक झड़प हो गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। शुरुआती विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और मारपीट, आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस प्रशासन को भारी बल तैनात करना पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब एक संप्रदाय से जुड़े कुछ आपराधिक तत्वों ने दूसरे संप्रदाय के लोगों के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि इस मारपीट में कई लोगों को चोटें आईं। घटना की सूचना जैसे ही दूसरे गुट के लोगों तक पहुंची, उनमें आक्रोश फैल गया। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर मारपीट करने वालों के घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
गुस्साए लोगों ने कई घरों में आग लगा दी और सड़क पर खड़ी गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। कुछ ही समय में पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। आगजनी की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को तत्काल अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए राजिम, फिंगेश्वर सहित आसपास के कई थाना क्षेत्रों से पुलिस बल दुधकैयां गांव भेजा गया। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती बरती और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई।
आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। वहीं, मारपीट और हिंसा में घायल लोगों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल कई लोगों का इलाज जारी है, हालांकि किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
गांव में स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कर्फ्यू जैसे हालात बनाए गए हैं। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव और आसपास के इलाकों में शांति समिति के सदस्यों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि आपसी सौहार्द बहाल किया जा सके।

