SUPREME COURT VERDICT : SC’s clear stand on VIP darshan at Mahakal Temple!
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से साफ इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जो व्यवस्था अभी चल रही है, वही जारी रहेगी। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “महाकाल के सामने कोई VIP नहीं है।”
महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलने और VIP दर्शकों को अनुमति दिए जाने को लेकर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिका में VIP दर्शन व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह औचित्य का विषय है और अदालतें यह तय नहीं कर सकतीं कि मंदिर के अंदर किसे प्रवेश मिले और किसे नहीं। इसके लिए जिम्मेदार प्राधिकारी और प्रबंधन हैं, अदालत नहीं।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि गर्भगृह में प्रवेश जिला आयुक्त की सिफारिश से दिया जाता है और सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सारे मौलिक अधिकार गर्भगृह के अंदर ही होंगे? मंदिर प्रबंधन का अधिकार अदालत अपने हाथ में नहीं ले सकती।
गौरतलब है कि जुलाई 2023 में सावन के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। तब से अब तक यह व्यवस्था जारी है। इसी को लेकर इंदौर निवासी एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।

