TRUMP TARIFF BAM : India gets relief on Russian oil purchases, China faces increased threat
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त टैरिफ नीतियों से वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है। 2025 में बड़े टैरिफ अटैक के बाद ट्रंप ने अब रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025’ नाम दिया गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या इस हाई टैरिफ की जद में भारत भी आएगा? अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के ताजा बयान से भारत के लिए राहत के संकेत मिलते दिख रहे हैं।
दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF Davos 2026) में स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूरोपीय देश अब भी रूस से तेल खरीदकर “अपने ही खिलाफ युद्ध को फंड” कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा पेश प्रस्ताव का जिक्र किया, जिसमें रूसी तेल खरीद जारी रखने वालों पर 500% टैरिफ लगाने की बात है। हालांकि बेसेंट ने यह भी कहा कि यह प्रस्ताव पारित होगा या नहीं, यह देखा जाएगा।
क्या है ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025’?
यह कानून रूसी तेल आयात करने वाले देशों के सामान पर 500% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। भारत, चीन और ब्राजील जैसे बड़े आयातकों को इसका संभावित लक्ष्य माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम यूक्रेन युद्ध पर रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए है।
भारत को लेकर क्या संकेत?
स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदा था, लेकिन ट्रंप प्रशासन द्वारा पहले 25% और फिर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी और अंततः बंद कर दी। बेसेंट के इस बयान को भारत को 500% टैरिफ से दूर रखने का संकेत माना जा रहा है।
चीन पर बढ़ा दबाव
चीन रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है और वह ईरान व वेनेजुएला से भी तेल आयात करता है। बेसेंट ने कहा कि वेनेजुएला के तेल सेक्टर पर अमेरिकी नियंत्रण के बाद चीन को रियायती दरों पर तेल मिलना मुश्किल होगा। चीन पर 500% टैरिफ लागू होगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति ट्रंप पर निर्भर करेगा।
