CG TRANSFER UPDATE : IAS transfer rumours rife, major posts vacant in education department
रायपुर। छत्तीसगढ़ में IAS अफसरों के तबादलों की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी बड़ी वजह 2009 बैच की IAS अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला का सेंट्रल डेपुटेशन पर दिल्ली जाना है। उन्हें ‘मेरा युवा भारत’ में CEO की जिम्मेदारी मिली है और वे औपचारिक रूप से छत्तीसगढ़ से रिलीव भी हो चुकी हैं।
हालांकि, फिलहाल किसी भी जिले के कलेक्टर बदले नहीं जाएंगे। सरकार का फोकस इस समय धान खरीदी पर है, खासकर फर्जी धान की रोकथाम पर। ऐसे में कलेक्टरों का ट्रांसफर करने से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए उन्हें फिलहाल यथावत रखा जाएगा।
प्रियंका शुक्ला के पास समग्र शिक्षा मिशन के एमडी और छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) के एमडी का अतिरिक्त प्रभार था। उनके जाने से स्कूल शिक्षा विभाग के ये दोनों अहम पद अब खाली हो गए हैं। समग्र शिक्षा मिशन का सालाना बजट 2000 करोड़ रुपए से अधिक है, जिसके जरिए शिक्षकों के वेतन के अलावा स्कूलों में सप्लाई, प्रशिक्षण, गतिविधियां और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित होते हैं।
वहीं पाठ्य पुस्तक निगम की स्थिति और भी गंभीर है। जनवरी का आधा महीना बीत जाने के बावजूद अभी तक किताबों के लिए पेपर सप्लाई का टेंडर नहीं हो पाया है। सामान्य तौर पर सितंबर तक पेपर का ऑर्डर जारी हो जाता था, ताकि अप्रैल में स्कूल खुलते ही बच्चों को किताबें मिल सकें। पिछले साल घोटालों की जांच के चलते पेपर का ऑर्डर मार्च में हुआ था, जिसका नतीजा यह रहा कि दिसंबर तक स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच पाईं।
अब हालात यह हैं कि पापुनि में एमडी नहीं होने की वजह से बीते 15 दिनों में कोई ठोस काम नहीं हो पाया। प्रियंका शुक्ला की केंद्र में पोस्टिंग पहले ही तय हो चुकी थी, लेकिन रिलीव होने में देरी से सिस्टम लगभग ठप रहा। नई नियुक्ति के बाद अधिकारी को काम समझने में भी समय लगेगा, जिससे एक महीना और निकलने की आशंका है।
यही वजह है कि प्रशासनिक हलकों में अब IAS ट्रांसफर को लेकर हलचल तेज हो गई है। शिक्षा विभाग के इन अहम पदों पर जल्द पोस्टिंग नहीं हुई, तो इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और बच्चों को मिलने वाली किताबों पर पड़ेगा।
