IG CRIME REVIEW : Crime has decreased, but there is no relaxation, an ultimatum for more strictness in 2026
बिलासपुर। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला ने गुरुवार को वर्ष 2026 की पहली अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। इस दौरान गंभीर लंबित अपराध, महिला एवं बाल अपराध, संपत्ति से जुड़े मामले, गुमशुदा व्यक्ति, अप्राकृतिक मौत, विभागीय जांच, समन-वारंट की तामिली, छोटे अपराध और निवारक कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई। आईजी ने एक-एक जिले के कामकाज का क्रमवार आकलन किया।
आईजी शुक्ला ने वर्ष 2025 में पिछले वर्षों की तुलना में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, सेंधमारी, चोरी और महिला-बाल अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी के लिए सभी जिलों के एसपी की सराहना की और इसे टीमवर्क का नतीजा बताया।
उन्होंने निर्देश दिए कि नए साल में हर जिले के लिए अपराध, गुमशुदा मामलों, अप्राकृतिक मौतों, शिकायतों, विभागीय जांच और निवारक कार्रवाई को लेकर स्पष्ट व समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाएं। मासिक समीक्षा के आधार पर परिणामोन्मुखी कार्रवाई अनिवार्य होगी।
गंभीर अपराधों में समयसीमा पर जोर
आईजी ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच लगातार, गुणवत्तापूर्ण और तय समयसीमा में पूरी की जाए। किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में तत्काल, संवेदनशील और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पर्यवेक्षण अधिकारियों को थाना और चौकी स्तर पर लंबित मामलों की रोजाना समीक्षा करने और विवेचना अधिकारियों को निरंतर मार्गदर्शन देने को कहा गया।
जीरो टॉलरेंस नीति लागू
आईजी शुक्ला ने गश्त बढ़ाने, आदतन अपराधियों और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। जुआ, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने को कहा गया। सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
अनुशासन और जवाबदेही पर सख्ती
आईजी ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल में अनुशासन और जवाबदेही सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर तत्काल विभागीय कार्रवाई होगी। गजेटेड अधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों की दैनिक निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (बिलासपुर), पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (मुंगेली), दिव्यांग पटेल (रायगढ़), सिद्धार्थ तिवारी (कोरबा), अंजनेय वार्षनेय (सारंगढ़-बिलाईगढ़), मनोज खिलाड़ी (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), प्रफुल्ल सिंह ठाकुर (सक्ती) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
