CG DHAN KHARIDI : Did not get token, paddy was not sold… farmer consumed poison
कोरबा, 12 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के आख़िरी दौर में सिस्टम की मार झेल रहे एक आदिवासी किसान ने हताश होकर आत्महत्या की कोशिश कर ली। कोरबा जिले के हरदीबाजार तहसील के कोरबी-धतुरा गांव के रहने वाले किसान सुमेर सिंह गोण ने धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान होकर कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर इलाज से उसकी जान बच गई।
बताया जा रहा है कि किसान ने धान बेचने के लिए पहले से पंजीयन कराया था। उसके पास करीब 68 क्विंटल धान है, लेकिन खरीदी शुरू होने के बाद से ही उसे टोकन नहीं मिल सका। लगातार प्रयास और अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद समस्या हल नहीं हुई।
हताश किसान ने 29 दिसंबर 2025 को कलेक्टर जनदर्शन में भी शिकायत दर्ज कराई थी। कलेक्टर के निर्देश के बाद भी निचले स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार रविवार रात परेशान किसान ने ज़हर खा लिया।
मामले की जानकारी मिलते ही कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने किसान से मुलाकात कर हाल जाना और सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े किए। सांसद ने कहा कि वे लगातार फील्ड में हैं और हर जगह किसान टोकन के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। समय पर टोकन नहीं मिलने से किसान मानसिक दबाव में हैं और सरकार की नीतियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
धान खरीदी खत्म होने के करीब है, लेकिन कई जिलों में किसान अब भी अपना धान बेचने को परेशान हैं। यह घटना सिस्टम की गंभीर खामी की ओर इशारा कर रही है, जहां शिकायतों के बाद भी ज़मीनी स्तर पर राहत नहीं मिल पा रही है।
