US STRIKES VENEZUELA : Trump claims Venezuelan oil …
नई दिल्ली। अमेरिका की वेनेजुएला में स्ट्राइक और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब सियासी लड़ाई तेल के मैदान में उतर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कंट्रोल का दावा करते हुए कमाई का प्लान आगे बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में ट्रंप ने अमेरिका की 17 बड़ी तेल कंपनियों के CEOs को बुलाकर वेनेजुएला ऑयल सेक्टर में करीब 100 अरब डॉलर के निवेश पर बातचीत की।
बैठक में उस वक्त माहौल गरमा गया जब दिग्गज अमेरिकी कंपनी एक्सॉन मोबिल के CEO डैरेन वुड्स ने वेनेजुएला को निवेश के लायक नहीं बताया। वुड्स ने कहा कि उनकी कंपनी की संपत्तियां पहले ही दो बार जब्त हो चुकी हैं और मौजूदा कानूनी व रेग्युलेटरी ढांचा निवेश के लिए सुरक्षित नहीं है। उन्होंने हाइड्रोकार्बन कानूनों में बड़े सुधार की जरूरत बताई।
वुड्स की ये बात ट्रंप को नागवार गुजरी। बैठक के बाद राष्ट्रपति ने खुलकर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें एक्सॉन की प्रतिक्रिया पसंद नहीं आई और जरूरत पड़ी तो वे कंपनी को वेनेजुएला में निवेश से बाहर कर सकते हैं। ट्रंप ने साफ कर दिया कि अब यह उनका प्रशासन तय करेगा कि वेनेजुएला में किन कंपनियों को काम करने की इजाजत मिलेगी।
ट्रंप ने राष्ट्रीयकरण से नुकसान झेल चुकी कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि कोनोकोफिलिप्स को उसका पैसा वापस मिलेगा, लेकिन अमेरिका पुराने नुकसान पर नहीं अटकेगा। गौरतलब है कि एक्सॉन, कोनोकोफिलिप्स और शेवरॉन कभी वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA के बड़े पार्टनर रह चुके हैं और अदालतों के फैसलों के मुताबिक वेनेजुएला पर इन कंपनियों का 13 अरब डॉलर से ज्यादा बकाया है।
