CG News: रायपुर। झीरम घाटी घटना को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने अनुशासनहीनता मानते हुए पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी को कांग्रेस से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, झीरम घाटी जैसे संवेदनशील विषय पर दिए गए बयान को पार्टी की विचारधारा और अनुशासन के खिलाफ माना गया। इसी के चलते पहले विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटाया गया, और अब अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
पार्टी का कहना है कि कांग्रेस संगठन में रहते हुए सभी नेताओं और पदाधिकारियों को तय मर्यादाओं का पालन करना अनिवार्य है। झीरम घाटी जैसी त्रासदी को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान न केवल पार्टी लाइन के विपरीत है, बल्कि इससे संगठन की छवि को भी नुकसान पहुंचता है।
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष ने जहां इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह बताया है, वहीं कांग्रेस इसे अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती का संदेश बता रही है।

