CG NEWS: Health Minister inaugurates BMC Chhattisgarh Cancer Conclave, gives new direction to cancer treatment in Central India
रायपुर, 19 सितम्बर 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कैंसर उपचार को लेकर एक बड़ी पहल हुई। बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने तीसरे वार्षिक छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन किया, जिसका शुभारंभ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कैंसर विशेषज्ञों ने शिरकत की और सिर एवं गर्दन के जटिल कैंसर पर लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन पेश किया।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मौजूदगी
इस कार्यशाला का नेतृत्व विश्वप्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अनिल डी’क्रूज़ (निदेशक ऑन्कोलॉजी, अपोलो हॉस्पिटल्स) और डॉ. गौरी पंतवैद्य (प्रोफेसर एवं प्रमुख, सिर एवं गर्दन ऑन्कोसर्जरी विभाग, टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई) ने किया। देशभर के प्रमुख कैंसर संस्थानों से आए विशेषज्ञ सर्जनों ने भी इस सत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा की।
डॉ. डी’क्रूज़ ने बताया कि पिछले 30 वर्षों में विशेषकर थायरॉइड कैंसर के मामलों में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर सही समय पर प्रशिक्षित सर्जनों द्वारा ऑपरेशन किए जाने पर 99% तक ठीक हो सकता है। लेकिन अनुभवहीन हाथों से सर्जरी होने पर मरीजों की आवाज़, कैल्शियम संतुलन और पैराथायरॉइड कार्यप्रणाली पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
मंत्री ने जताया गर्व
उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि बीएमसी कैंसर कॉन्क्लेव में सात देशों और पूरे भारत से विशेषज्ञ जुटे हैं। यह राज्य को स्वास्थ्य नवाचारों और उन्नत चर्चाओं का केंद्र बना रहा है।”
बीएमसी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण
• डॉ. दिवाकर पांडे, सीनियर कंसल्टेंट एवं प्रमुख, सर्जरी विभाग ने कहा कि कैंसर उपचार केवल ट्यूमर हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जबड़े और चेहरे की संरचना को पुनर्निर्मित करना और मरीज की खाने, बोलने और सांस लेने की क्षमता को बहाल करना भी उतना ही अहम है।
• डॉ. भावना सिरोही, चिकित्सा निदेशक, बीएमसी ने कहा कि कैंसर केयर का मानकीकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि छत्तीसगढ़ के मरीजों को भी वही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए जो दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रो शहरों में उपलब्ध है।
बड़ी भागीदारी और पैनल चर्चा
कॉन्क्लेव में देशभर से 150 से अधिक सर्जन और चिकित्सक शामिल हुए। लाइव डेमोन्स्ट्रेशन के बाद मल्टीडिसिप्लिनरी पैनल चर्चा और शैक्षणिक व्याख्यान हुए, जिसमें नवीनतम उपचार पद्धतियों और रिसर्च पर विचार साझा किए गए।

