
रायगढ़। खरसिया के लक्ष्मी प्रसाद पटेल का निधन हो गया है। सीएम साय ने दुःख जताते X पर लिखा, वरिष्ठ नेता एवं खरसिया के पूर्व विधायक लक्ष्मी प्रसाद पटेल जी के निधन का समाचार दुःखद है।वे मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के थे और जनहित के लिए सदैव तत्पर रहे। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।
पूर्व विधायक पटेल का सियासी सफर
पूर्व विधायक पटेल के सियासी सफर डालें तो वे खरसिया विधानसभा क्षेत्र के प्रथम विधायक निर्वाचित हुए। सन् 1977 में जनता लहर के बावजूद लक्ष्मी पटेल ने विधानसभा का चुनाव जीता। उसके बाद सन् 1980 और 1985 में लगातार पटेल खरसिया से विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1988 में तत्कालीन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कुंवर अर्जुन सिंह के लिए लक्ष्मी पटेल ने विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया। उसके बाद खरसिया उपचुनाव में अर्जुन सिंह ने किसी तरह चुनाव जीता। लक्ष्मी पटेल मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज के चेयरमैन रहे और बाद में उन्हें मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग का सदस्य भी नियुक्त किया गया। वर्ष 2000 के दशक शुरू होते ही लक्ष्मी पटेल ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया और भाजपा में शामिल हो गए।
लक्ष्मी पटेल ने एक बार कद्दावर कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल के खिलाफ खरसिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था मगर भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया। लक्ष्मी पटेल वर्ष 2013 के बाद सक्रिय राजनीति से दूर होते चले गए और हाल ही के एक दशक के दौरान उन्होंने राजनीति से तौबा कर ली। लक्ष्मी पटेल के निधन पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मंत्री उमेश नंदकुमार पटेल, डॉ. लाल कुमार पटेल, विष्णु तिवारी और बालकराम पटेल ने गहन शोक संवेदना व्यक्त किया है।