CG BREAKING: High level inquiry committee formed to investigate Chhattisgarh Sanskrit Vidya Mandalam proficiency list irregularities case.
रायपुर। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडलम प्रवीण्य सूची में गड़बड़ी करने वालों को राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। शिक्षामंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गड़बड़ी की जांच के लिए बनी उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है।
सरकार द्वारा गठित इस कमेटी में तीन सदस्य हैं। जिसमें माध्यमिक शिक्षा मंडल सचिव पुष्पा साहू, संयुक्त संचालक आरपी आदित्य, रायपुर DEO विजय कुमार का नाम शामिल है। यह कमेटी एक हफ्ते के भीतर अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौपेंगी। राकेश पाण्डेय को संस्कृत विद्या मंडलम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा हैं।
यह था पूरा मामला
बगैर परीक्षा दिलाए छात्रों के टॉप करने और एक ही छात्र की उत्तरपुस्तिकाओं में भिन्न-भिन्न हेंडराइटिंग होने संबंधित खुलासे के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पूरे मामले को लेकर सोमवार दोपहर मंत्रालय में बड़ी बैठक हुई। बैठक में शिक्षा विभाग और संस्कृत बोर्ड के अधिकारी शामिल हुए। शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। वहीं रायगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी ने दीपांशु संस्कृत स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की है। दीपांशु संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय औरदा सहित जिन केंद्रों की उत्तरपुस्तिकाओं में गड़बड़ी पाई जाएगी, उन पर भी गाज गिर सकती है।
दोषियों पर कार्रवाई करने के कहा गया था
शिक्षा सचिव ने अधिकारियों को जल्द से जल्द पूरे मामले की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने कहा गया है। संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा रविवार को ही मेरिट लिस्ट निरस्त किए जाने संबंधित घोषणा की जा चुकी है। स्कूल में पेपर रखे जाते थे. नियमानुसार उन्हें थाने में रखा जाना था। छात्र संगठनों को इसकी खबर मिल गई थी बाकायदा शिकायत की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। तीन माह पहले फरवरी में जब संस्कृत मंडलम के दसवीं बोर्ड के प्रश्न पत्र सरकारी सुरक्षा में ना रखकर सीधे स्कूल संचालक की निगरानी में देने के मामले में एसडीएम से शिकायत की गई थी लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
तलब होंगे अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, वहां के प्राचार्य से भी पूछताछ होगी। सरकार इस पर विचार कर रही है कि संस्कृत बोर्ड के परीक्षा संबंधी कार्य माध्यमिक शिक्षा मंडल को सौंप दिए जाएं। साथ ही इस कांड में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी संभावना है।
शासन भी एक्शन मोड में
सिस्टम को खराब करने की कोशिश
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि, जो सिस्टम को खराब करने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हम जांच करवाएंगे। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कठोरता से हो जांच
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने बताया कि, बगैर परीक्षा दिलाए किसी छात्र का टॉप करना गंभीर मामला है। अलग- अलग विषयों में अलग हैंडराइटिंग मिलना भी संगीन है। इस मामले की कठोरता से जांच होनी चाहिए।

