BREAKING : कथित शराब घोटाले की जांच अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक, CBI ने किया तलब

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BREAKING: Investigation of alleged liquor scam now up to Chief Minister Arvind Kejriwal, CBI summoned

दिल्ली में कथित शराब घोटाले की जांच अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुंच गई है. कारण, इस मामले में सीबीआई आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करेगी. उन्हें 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने का समन जारी किया गया है. आम आदमी पार्टी की तरफ से बताया गया है कि सीबीआई की पूछताछ में अरविंद केजरीवाल शामिल होंगे. पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद दबाव बनाना चाहती है.

बता दें कि इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी जेल में बंद हैं. सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था. मनीष सिसोदिया से जेल में प्रवर्तन निदेशालय (ई़डी) ने भी पूछताछ की थी. ईडी ने पूछताछ के बाद जेल से ही मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया था. ईडी ने मनीष सिसोदिया को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की थी. मनीष सिसोदिया ने इसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत मांगी थी. लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूर नहीं किया.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का भी बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा, “हमारे देश में कई राष्ट्र-विरोधी ताकतें हैं जो देश की प्रगति नहीं चाहती हैं. देश के गरीबों और दलितों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कौन नहीं चाहता है? जो लोग नहीं चाहते थे, उन्होंने मनीष सिसोदिया को जेल भेज दिया. जिन्होंने उन्हें जेल भेजा, वे देश के दुश्मन हैं…”

क्या है शराब घोटाला मामला?

दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 को नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी. दिल्ली सरकार ने इस नीति के लागू होने के बाद राजस्व में इजाफे के साथ ही माफिया राज खत्म करने का तर्क दिया था लेकिन हुआ ठीक उल्टा. दिल्ली सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ. दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने जुलाई 2022 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने एलजी वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया था.

एलजी ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी. एलजी की सिफारिश के बाद सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. इस केस में मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया गया था. 22 अगस्त को ईडी ने आबकारी नीति में मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया था. करीब छह महीने की जांच के बाद सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को फरवरी महीने में गिरफ्तार कर लिया था. मनीष सिसोदिया तभी से सलाखों के पीछे हैं.

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

सीबीआई ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. इनमें तीन पूर्व सरकारी अफसर एजी कृष्णा (पूर्व एक्साइज कमिश्नर), आनंद तिवारी (पूर्व डिप्टी एक्साइज कमिश्नर) और पंकज भटनागर (पूर्व असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर) शामिल हैं. इसमें अमित अरोड़ा (बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर), दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे को भी आरोपी बनाया गया है. इन तीनों को सिसोदिया का करीबी माना जाता है.

आरोप है कि तीनों ने आरोपी सरकारी अफसरों की मदद से शराब कारोबारियों से पैसा इकट्ठा किया और उसे दूसरी जगह डायवर्ट किया. सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की. इसमें सात आरोपियों का नाम शामिल किया गया था. हालांकि, इसमें सिसोदिया का नाम नहीं था. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर रही है. ईडी भी इस मामले में अदालत में चार्जशीट दायर कर चुकी है. ईडी ने भी मनीष सिसोदिया का नाम नहीं लिखा.

विवाद बढ़ने के बाद 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी नीति लागू करने का फैसला लिया. 31 जुलाई को कैबिनेट नोट में ये माना गया कि शराब की ज्यादा बिक्री के बावजूद सरकार की कमाई कम हुई, क्योंकि खुदरा और थोक कारोबारी शराब के धंधे से हट रहे थे. वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में 1,485 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला, जो बजट अनुमान से करीब 38 फीसदी कम था.

अब तक की जांच में क्या-क्या हुआ?

– 17 अगस्त को सीबीआई ने केस दर्ज किया और दो दिन बाद ही 19 तारीख को मनीष सिसोदिया के घर और दफ्तर समेत सात राज्यों के 31 ठिकानों पर छापेमारी की. 30 तारीख को सीबीआई ने सिसोदिया के बैंक लॉकर भी खंगाले. सिसोदिया ने दावा किया कि सीबीआई को कुछ नहीं मिला.

– 6 सितंबर 2022 को ईडी ने 40 से ज्यादा ठिकानों पर छापा मारा. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ये छापेमारी की. 16 सितंबर को ईडी ने फिर दिल्ली-एनसीआर के अलावा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक समेत कई राज्यों के 40 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की.

– 27 सितंबर को सीबीआई ने विजय नायर (ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ) को गिरफ्तार किया. अगले ही दिन ईडी ने भी समीर महेंद्रू (इंडोस्पिरिट ग्रुप के एमडी) को गिरफ्तार कर लिया.

– सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, मनीष सिसोदिया के कथित करीबी अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपये लिए थे. ये रकम विजय नायर की ओर से ली गई थी. विजय नायर कुछ साल तक आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज भी रहे हैं.

– 10 अक्टूबर को सीबीआई ने अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार किया. अभिषेक बोइनपल्ली अरुण रामचंद्र पिल्लई का पार्टनर है. 17 अक्टूबर को सीबीआई हेडक्वार्टर में मनीष सिसोदिया से 9 घंटे तक पूछताछ हुई.

– 8 नवंबर को सीबीआई ने अदालत में बताया कि दिनेश अरोड़ा सरकारी गवाह बनने को तैयार है. दिनेश अरोड़ा को सिसोदिया का करीबी माना जाता है.

– 10 नवंबर को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरबिंदो फार्मा के डायरेक्टर शरत रेड्डी और पेरनोड रिकार्ड के एक्जीक्यूटिव बिनय बाबू को गिरफ्तार किया. 14 तारीख को ईडी ने विजय नायर और अभिषेक बोइनपल्ली को अरेस्ट किया. 30 नवंबर को सीबीआई ने बडी रिटेल के डायरेक्टर अमित अरोड़ा को गिरफ्तार किया. अमित अरोड़ा को भी सिसोदिया का करीबी माना जाता है.

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